दलितों के साथ भोजन से नहीं होगा कोई लाभ: उदित राज

बीजपी सांसद उदित राज ने लोगों तक पहुंचने के लिए पार्टी की ओर से चलाए जा रहे 'ग्राम स्वराज अभियान' पर कहा कि इससे कोई चुनावी फायदा नहीं होगा और यह दलितों को हीन महसूस कराता है. पीएम नरेन्द्र मोदी ने पिछले महीने पार्टी के सभी सांसदों और मंत्रियों से कहा था कि वह 50 फीसदी से ज्यादा अनुसूचित जाति आबादी वाले गांवों में अपना समय व्यतीत करें. इसके बाद ही 'ग्राम स्वराज अभियान' शुरू किया गया.

उत्तर पश्चिम दिल्ली से सांसद उदित राज ने कई ट्वीट के जरिए लिखा, "राहुल गांधी दलित के घर गये, उनके साथ भोजन किया और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा, उनका भी यही हश्र होगा जो अभी वैसा कर रहे हैं."

उन्होंने आगे कहा, "यह मेरा सामाजिक विचार है. मेरी निजी राय हो सकती है. ना सिर्फ पार्टी, बल्कि पूरे देश, 'सवर्ण समाज' को इसके बारे में सोचना चाहिए. अब सिर्फ खाना खाने से कुछ नहीं होगा, यह उन्हें और हीन महसूस कराता है." खुद दलित समाज से आने वाले उदित राज ने कहा कि उनके विचार पार्टी के खिलाफ नहीं हैं.

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बीजेपी सांसद उदित राज ने दूसरे ट्वीट में लिखा, "दलितों के घर रात को रूकने और भोजन करने से ना तो दलित परिवार सशक्त होते हैं और न हीं नेताओं को लाभ पहुंचता है, राहुल गांधी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं. रात को रूक कर और भोजन करके दिखावा करने से बेहतर है कि नेता जरूरतमंत दलितों के लिए भोजन, कपड़ा, मकान, रोजगार और इलाज का ऊपाय लेकर आएं. उनका कहना है कि वह पार्टी के आदेश का पालन कर रहे हैं, लेकिन इससे बीजेपी को कुछ खास फायदा नहीं होगा."

उन्होंने कहा, "व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि इससे पार्टी को लाभ नहीं होगा. चूंकि, यह पार्टी का कार्यक्रम है, इसलिए मैं इसका समर्थन करता हूं."

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