डीजीपी के साल में दो आदेश पर नहीं मिल रहा वीकली ऑफ, रिकॉर्ड डिजिटल नहीं

भोपाल.प्रदेश में पुलिसकर्मियों के ऑन ड्यूटी मौत और आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं। वजह पुलिसकर्मियों में लगातार बढ़ता तनाव बताया जा रहा है, लेकिन राहत के नाम पर सिर्फ घोषणाएं हो रही हैं और आदेश निकल रहे हैं। तीन साल में दो मंत्री घोषणा कर चुके हैं। डीजीपी आदेश दे चुके हैं कि मासिक, साप्ताहिक या विशेष मौकों पर छुट्‌टी दी जाए। अब एक बार फिर डीजीपी ने सभी आईजी और एसपी को नसीहत दी है। इसमें विशेष मौकों पर अवकाश देने को कहा है, लेकिन सवाल फिर वही है कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवार के जन्मदिन व सालगिरह का रिकॉर्ड ही कम्यूप्टराइज्ड नहीं है तो घोषाणाओं पर अमल कैसे होगा?

डीजीपी के साल में दो आदेश पर नहीं मिल रहा वीकली ऑफ, रिकॉर्ड डिजिटल नहीं

दो मंत्री कर चुके ऐलान

– तीन साल से पुलिसकर्मियों को अवकाश देने की बात चल रही है। पूर्व गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने 2014 में ऐलान किया था कि पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी की वजह से तनाव में रहते हैं। पुलिस के लिए महीने में एक दिन अवकाश लागू होगा। इसके बाद भी पीएचक्यू ने आदेश नहीं निकाले।
– गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पुलिसकर्मियों के तनाव और आत्महत्या के मामले सामने आने के बाद डेढ़ साल पहले मासिक और साप्ताहिक अवकाश देने की घोषणा की थी। सिंह ने कहा था कि एक्ट में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है।

तीन मामले… आत्महत्या की वजह तनाव!

– भिंड जिले के रौन थाने में पदस्थ प्रधानआरक्षक रामकुमार शुक्ला ने टीआई सुरेंद्र गौर से परेशान होकर एसपी अनिल सिंह कुशवाह को फोन लगाकर आपबीती सुनाई थी। कुशवाह ने इसे गंभीरता से नहीं लेकर लाइन में भेजने की बात कही, जिस पर रामकुमार ने कहा- लाइन में तो नहीं आउंगा, बल्कि मेरी लाश आएगी। तीन दिन पहले शुक्ला ने सुसाइड कर लिया।

– मुरैना जिले के सबलगढ़ में पदस्थ एसडीओपी हेमंत सिसोदिया ने 1 अक्टूबर को सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनका परिवार भोपाल में रहता है, जबकि सिसोदिया एक साल से सबलगढ़ में पदस्थ थे। उनकी मौत की वजह तनाव बताया जा रहा है।

– मुरैना के स्टेशन रोड थाने में पदस्थ प्रधानआरक्षक सतीश शर्मा ने 6 मई 2017 को सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। शर्मा ने शासकीय राशि के खजाने में जमा नहीं होने के मामले की जांच के चलते अधीनस्थ स्टाफ से परेशान होकर सुसाइड की थी। टीआई डीके शर्मा पर बेटे अरुण ने पिता को प्रताड़ित करने और सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया था।

6 अक्टूबर को डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने दोबारा निकाला है आदेश

– डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने 6 अक्टूबर को दोबारा आदेश निकाला है। आदेश में कहा गया है कि हाल ही में कुछ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा तनावपूर्ण स्थिति के कारण आत्महत्या की घटना सामने आई हैं। बेस्ट प्रेक्टिसेज चयन करने और अवकाश पर पहले भी लिखा था।

– पुलिसकर्मियों के स्वयं, पत्नी और बच्चों के जन्मदिन व सालगिरह पर अवकाश का अवलोकन करें। यह महसूस किया जा रहा है कि पहले के आदेशों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता से पालन नहीं किया जा रहा है। अधीनस्थ कर्मचारियों को तनावमुक्त रखने के लिए आला अफसरों को विभागीय स्तर पर सक्षम की गई है। डीजीपी ने ऐसा ही आदेश 13 दिसंबर 2016 को भी निकाला था, जिसका पालन नहीं किया गया।

नियमों में बदलाव होगा

– प्रदेश में पुलिसकर्मियों को विशेष मौकों पर और मासिक अवकाश पर विचार हो चुका है। इसके लिए नियमों में बदलाव किया जा रहा है। मुख्यमंत्री इस पर फैसला लेंगे।

आदेश तभी अच्छा जब उसे अमल में लाएं

-बड़ा सवाल तो यह है कि क्या पुलिसकर्मियों और परिवार के जन्मदिन और सालगिरह से जुड़ा कोई डाटा तैयार है। सबसे पहले तो सारा रिकॉर्ड कंप्यूटराइज्ड किया जाना चाहिए। ये भी तय हो कि एसपी या टीआई अधीनस्थ किन पुलिसकर्मी को छुट्‌टी दे सकेंगे। ये सुझाव तभी अच्छा है, जब अमल में लाया जा सकेगा। ये भी सोचना चाहिए कि प्रमुख अफसर पुलिसकर्मियों की पारिवारिक समस्या भी सुनें।
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