होली से पहले सासंदों की मांगे हुई पूरी, सरकार ने निर्वाचन क्षेत्र और कार्यालय भत्ता बढ़ाया

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होली से पहले सासंदों की मांग पूरी हो गई है। वेतन वृद्धि के लिए समिति की घोषणा बजट में हो गई थी। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उनके भत्तों को बढ़ाने की मंजूरी दे दी। इसके तहत सासंदों को अब निर्वाचन क्षेत्र भत्ता के रूप में 75 हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे।

होली से पहले सासंदों की मांगे हुई पूरी, सरकार ने निर्वाचन क्षेत्र और कार्यालय भत्ता बढ़ाया

अब तक इस मद में 45 हजार रुपये प्रति माह मिलते थे। इसके अलावा उनके कार्यालय भत्ते को भी 45 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दिया गया है। सांसदों को बढ़ा हुआ यह भत्ता एक अप्रैल से मिलेगा।

सासंदों की ओर से लंबे समय से वेतन और भत्तों में वृद्धि करने की मांग की जा रही थी। वेतन में वृद्धि की घोषणा सरकार पहले ही संसद में कर चुकी है। इसके तहत एक कमेटी गठित की गई है, जो प्रत्येक पांच साल में सांसदों के वेतन को मुद्रास्फीति के आधार पर आंकलन कर बढ़ोत्तरी करेगी।

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यह अप्रैल से मिलना है। अब भत्ते में मासिक 40 हजार रुपये की वृद्धि हो गई है। इसके साथ ही पांच साल में एक बार फर्नीचर खरीद के लिए मिलने वाली राशि को भी 75 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है।

सरकार ने इसके अलावा सासंदों के टेलीफोन और इंटरनेट सुविधाओं में भी बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है। इसके तहत प्रत्येक सासंद को ब्राडबैंड कनेक्शन, घर पर हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन मिलेगा।

कैबिनेट में लिए गए इस फैसले से सरकार के खजाने पर करीब 46 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। इनमें करीब 39 करोड़ रुपये रेकरिंग और साढ़े छह करोड़ रुपये नॉन-रेकरिंग होगा।

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