मृतक आश्रित को योग्यता के आधार पर मिलेगी नौकरी

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हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि मृतक आश्रित को मृतक के समान या उससे नीचे के पद पर ही नियुक्ति दी जाए. योग्यता होने पर उस से उच्च पद पर भी उसे नियुक्ति दी जा सकती है. हालाँकि मृतक आश्रित कोटे से मिलने वाली नौकरी अनुकम्पा के आधार पर होती है लेकिन उसे योग्यतानुसार माननीय हाईकोर्ट द्वारा जोड़ा गया.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया फैसला

याची प्रीती देवी की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने यह आदेश दिया. उक्त मामले में याची प्रीति देवी के पति राम बाबा इंटर कॉलेज सिधौरा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे. उनकी मौत सेवा के दौरान ही हो गई थी, प्रीति देवी ने मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति के लिए आवेदन किया था.

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डीआईओएस ने खेदन लाल राष्ट्रीय इंटर कॉलेज चेतगंज की प्रबंध समिति को याची को तृतीय श्रेणी के पद पर कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए थे. प्रबंध समिति ने नियुक्ति देने से यह कह कर मना कर दिया कि याची के पति चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे. कोर्ट उक्त संबंध में पूर्व में आदेश कर चुका है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की विधवा को मृतक आश्रित कोटे में योग्यता के आधार पर तृतीय श्रेणी में नियुक्ति न देना गलत है तथा मृतक आश्रित कोटे के अभ्यर्थी को उसकी योग्यता के अनुसार नियुक्ति दी जा सकती है. कोर्ट ने उक्त मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि मृतक आश्रित को मृतक के समान या उससे नीचे के पद पर ही नियुक्ति दी जाए. योग्यता होने पर उस से उच्च पद पर भी नियुक्ति दी जा सकती है.

कोर्ट ने लिया मामले का संज्ञान

कोर्ट के आदेश के बावजूद राष्ट्रीय इंटर कॉलेज चेतपुर वाराणसी की प्रबंध समिति ने याची को अभी तक तृतीय श्रेणी के पद पर नियुक्ति नहीं दी है. कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए डीआईओएस वाराणसी को निर्देश दिया है कि प्रबंध समिति यदि 6 सप्ताह में याची को तृतीय श्रेणी पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं कराती तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाए.

 
 
 

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