DATA STORY: 1980 से 2016 तक अमेरिकी चुनाव में ऐसा रहा है जीत का अंतर

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। 3 नवंबर यानी आज फैसला होने वाला है कि अमेरिका में राष्ट्रपति के पद पर कौन आसीन होगा। रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप फिर से किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से दो बार अमेरिका के उपराष्ट्रपति रह चुके जो बिडेन उम्मीदवार हैं। अमेरिकी नेशनल आर्कआइव्स और रिकॉर्ड एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, जीत के लिए जरूरी निर्णायक वोट हासिल करने के लिए डेमोक्रेट को बहुत सारे राज्यों को वापस नीले रंग में बदलने की जरूरत नहीं है।

हालांकि, ट्रंप का दावा है कि उनकी इलेक्टोरल कॉलेज जीत रोनाल्ड रीगन के बाद सबसे बड़ी होगी। वहीं आंकड़े दिखाते हैं कि ट्रंप की इलेक्टोरल कॉलेज जीत सिर्फ जॉर्ज डब्ल्यू बुश से ही ज्यादा है। बुश ने वर्ष 2000 में 271 मतों और 2004 में 286 मतों से जीत हासिल की थी। 1984 में रोनाल्ड रीगन ने 525 इलेक्टोरल कॉलेज मतों और 1980 में 489 इलेक्टोरल कॉलेज मतों से जीत हासिल की थी। चुनावों में भारतीय मूल की कमला हैरिस उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से मैदान में हैं। अमेरिका के इतिहास में अब तक ऐसा 16 बार हो चुका है, जब जनता ने अपने राष्ट्रपति को दूसरी बार पद पर बने रहने का मौका दिया है।

270 का जादुई आंकड़ा

अमेरिका में राष्ट्रपति को नेशनल पोपुलर वोट के जरिए 538 सदस्यीय इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए चुना जाता है, जिसमें हर उम्मीदवार को जीतने के लिए 270 का बहुमत चाहिए होता है। दरअसल, हर राज्य में एक निश्चित निर्वाचन प्रतिनिधि (इलेक्टोरल कॉलेज) होते हैं, मसलन कैलिफोर्निया में 55 निर्वाचक प्रतिनिधि तय हैं, प्रांत में जिसे सर्वाधिक वोट मिलेंगे, उसी के ये सारे इलेक्टोरल कॉलेज माने जाएंगे।

इलेक्टोरल कॉलेज

अमेरिका के संविधान में इसे 1787 में शामिल किया गया। इस संस्था में फिलहाल 538 इलेक्टर या प्रतिनिधि होते हैं, जिनका चुनाव होता है। हर एक राज्य से उतने ही प्रतिनिधि होते हैं, जितने कि उस राज्य से संसद के दोनों सदनों में सांसद। सबसे कम आबादी वाले वायोमिंग से 3 इलेक्टर हैं, जबकि सबसे ज्यादा आबादी वाले कैलिफोर्निया से 55। राष्ट्रपति का चुनाव जीतने के लिए कम से कम 270 इलेक्टरों के वोट की जरूरत होती है।

पोपुलर वोट

चुनाव में जीत सिर्फ पोपुलर वोट से नहीं होती और यह इस सदी में दो बार हो चुका है। पोपुलर वोट में पिछड़ने के बावजूद रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने साल 2000 में और डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 में राष्ट्रपति चुनाव जीता। डोनाल्ड ट्रंप को हिलेरी क्लिंटन की तुलना में करीब 30 लाख कम वोट मिले थे।

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