वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी: मार्च तक तेजी से बढ़ सकता है कोरोना का नया स्ट्रेन…

दुनिया के कई देशों में कोरोना के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान के बावजूद वायरस के नए स्ट्रेन ने चिंता पैदा कर दी है। वैसे तो कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका ही है और अब वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों ने नए स्ट्रेन को लेकर भी चेतावनी दी है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि सबसे पहले ब्रिटेन में पाया गया कोरोना वायरस का नया वैरिएंट मार्च तक अमेरिका के एक बहुत बड़े समूह को संक्रमित कर सकता है। दरअसल, बीते शुक्रवार को अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने महामारी से लड़ने की अपनी योजना पेश की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि टीकाकरण की प्रक्रिया को तेज करना होगा, लेकिन उसके ठीक बाद अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी सीडीसी ने यह चेतावनी दे दी।

सीडीसी का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में कोरोना के इस नए स्ट्रेन का तेज फैलाव देखने को मिल सकता है। सीडीसी ने कहा है कि सर्दियों में पहले ही कोरोना के मामलों लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में नए स्ट्रेन के बढ़ने से स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी जोर पड़ने की आशंका है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का नया स्ट्रेन पहले की अपेक्षा ज्यादा संक्रामक जरूर है, लेकिन इस बात का कोई वैज्ञानिक सबूत अब तक नहीं मिला है कि यह स्ट्रेन पहले की अपेक्षा ज्यादा जानलेवा है या इसके संक्रमण से पहले से अधिक गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं।

कुछ विशेषज्ञों ने यह आशंका जरूर जाहिर की है कि मौजूदा वैक्सीन कोरोना के इस नए स्ट्रेन पर उतनी प्रभावी नहीं होंगी। हालांकि कुछ का यह भी कहना है कि कोरोना के मौजूदा टीके नए स्ट्रेन पर भी प्रभावी होंगे। इसको लेकर हाल ही में एक शोध हुआ। दरअसल, अमेरिकी कंपनी फाइजर की कोरोना वैक्सीन की लैब में जांच की गई, जिसमें यह नए स्ट्रेन के खिलाफ भी प्रभावी पाई गई।

कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए कई देशों ने हवाई सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है, जिसमें इटली भी शामिल है। इटली ने ब्राजील से उड़ानों पर रोक लगा दी है। यहां के स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्टो स्पेरन्जा ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 14 दिनों में जिस किसी ने भी ब्राजील में प्रवेश किया है, उसे भी इटली में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि ब्राजील से इटली पहुंचने वाले लोगों को नए स्ट्रेन की जांच कराना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों के लिए नए स्ट्रेन का अध्ययन करना महत्वपूर्ण है। इस बीच, हम बहुत सतर्क रुख अपना रहे हैं।

 

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