कोरोना: इस देश की सतर्कता से 2.60 लाख लोगों से टला संकट, उठाए ये बड़ा कदम

अगर कोरोना वायरस को लेकर यह देश नहीं करता सही समय पर पर्याप्त तैयारी तो यहां जान की बड़ी हानि हो सकती थी. इस देश का नाम है- ब्रिटेन. ये अनुमान लगाया है ब्रिटेन की सरकार के साथ काम कर रहे वैज्ञानिकों ने. हालांकि, ब्रिटेन की सरकार ने जो कदम अभी तक उठाएं हैं, उनसे स्थिति नियंत्रण में आ सकती है. लेकिन लॉकडाउन खत्म होने में 18 महीने और लग सकते हैं. 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने 16 मार्च को पूरे देश को संबोधित करते हुए कहा कि कोई अपना घर न छोड़े. जहां तक हो सके वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करे. ब्रिटिश अखबार द सन में छपी खबर के मुताबिक इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों की एक टीम सरकार के साथ मिलकर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए काम कर रही है. इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं प्रोफेसर नील फर्गुसन. 

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प्रोफेसर नील फर्गुसन के मुताबिक अगर ब्रिटेन पहले की स्थिति में रहता और सरकार द्वारा क्वारंटीन, लॉकडाउन, शटडाउन के कदम नहीं उठाए जाते तो यहां मरने वालों की संख्या 2.60 लाख तक पहुंच सकती थी. 

प्रो. फर्गुसन ने कहा कि अगर कोरोना वायरस बहुत बुरा रूप अपना भी लेता है तो भी नए और सख्त नियमों-प्रतिबंधों के चलते यहां मौतें 20 हजार से ज्यादा नहीं होगी. हालांकि, अभी की स्थिति में भी 9-10 हजार लोगों की जान जा सकती है, अगर लोगों ने खुद ध्यान नहीं दिया तो. देश में जो कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनसे कोरोना का फैलाव रुक सकता है, लेकिन इस बीमारी की वैक्सीन बनने में अभी एक साल का समय लग सकता है. तब तक देश में लॉकडाउन या शटडाउन की स्थिति बनी रह सकती है. 

फिलहाल, यूके यानी यूनाइटेड किंगडम में अभी तक 1543 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. जबकि, 55 लोगों की मौत हो चुकी है. लेकिन वायरस का असर अभी तक खत्म नहीं हुआ है. प्रो. फर्गुसन ने कहा कि ब्रिटेन या यूके के पास ज्यादा समय नहीं है. समय बिताएंगे तो इस बीमारी से हार जाएंगे. हम कोरोना वायरस से चल रही लड़ाई में इटली से सिर्फ दो हफ्ते पीछे चल रहे हैं. यानी हमारे पास समय कम है.

ब्रिटेन ने भी चीन की तरह पूरे देश में सख्त प्रतिबंध लगाए हैं. इसमें सबसे जरूरी प्रतिबंध है सार्वजनिक स्थानों पर लोगों का जुटना या मिलना. अगर यह कड़े नियम नहीं लगाए जाएंगे तो दिक्कत होगी. सरकार ने माना है कि अभी लॉकडाउन या शटडाउन की स्थिति यानी सबकुछ बंद रखने की स्थिति 12 से 18 महीने तक जारी रह सकती है. इसमें बीच-बीच में थोड़ी राहत मिल सकती है लेकिन जब तक वैक्सीन नहीं बन जाता, तब लॉकडाउन नहीं हटाएंगे. 

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