CM योगी का सख्त निर्देश, अब सड़क पर मिला गोवंश तो देना होगा ये बड़ा जुर्माना…

मेरठ शहर की सड़कों पर गोवंश छोड़ना अब पशुपालकों को काफी महंगा पड़ेगा क्योंकि नगर निगम की टीम अब सड़क पर घूमते हुए गोवंशों को पकड़ेगी। पशु वापस करते समय इनके मालिकों से दस हजार रुपये जुर्माना भी वसूला जाएगा। जुर्माना वसूली से एकत्र होने वाली धनराशि पशुओं के चारे और पकड़ने वाले टीम में शामिल कर्मचारियों पर खर्च होगी। CM योगी का सख्त निर्देश, अब सड़क पर मिला गोवंश तो देना होगा ये बड़ा जुर्माना...

शहर की सड़कों पर अब कहीं गोवंश घूमते दिखाई नहीं देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम ने इन पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस और गोशाला भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम प्रशासन ने 100 गोवंश को रखने की व्यवस्था कर ली है। सभी के लिए चारे की उपलब्धता भी की गई है।

यहीं नहीं शहर के साथ ही देहात में भी आवारा छोड़े गए गोवंश पकड़े जाएंगे। गोवंश को छोड़ने वाले पशुपालकों से जुर्माना वसूला जाएगा। शहर की सड़कों पर घूमने वाले गोवंश को पकड़ने के लिए नगर निगम ने एक ट्रक और 12 कर्मचारियों की तैनाती की है। जो रात और दिन शहर की सड़कों पर घूमने वाले गोवंश को पकड़ेंगे। गोवंश को पकड़ने का विरोध करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करायी जाएगी।

दूध निकालते ही सड़कों पर छोड़ देते हैं
शहर की डेयरियों में पल रहे पशुओं को सुबह के समय दूध निकालने के बाद सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। यह दिनभर सड़कों पर घूमते रहते हैं जिससे सड़क दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। पूर्व में पशुओं के कारण कई बड़ी दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके अलावा आवारा पशुओं के कारण शहर की सड़कों पर जाम की समस्या भी बनती है।
 
फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था की गई है
गोवंश को पकड़ने, चारा, पानी की व्यवस्था कर ली गई है। सड़क पर मिलने वाले गोवंश के मालिक से दस हजार रुपये प्रति पशु जुर्माना वसूला जाएगा। फिलहाल तीन स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था की है। स्थाई व्यवस्था परतापुर के बराल में की जा रही है।
यहां रखे जाएंगे गोवंश 
– सूरजकुंड पर कांजी हाउस
– सूरजकुंड वाहन डिपो और महापौर कार्यालय के बीच निगम की चार दीवारी के बीच
– अछरोंडा में 

गांवों में बेसहारा गोवंश को पकड़ेंगे ग्राम प्रधान 

देहात में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले और गली मोहल्लों में बेसहारा घूमने वाले गोवंश को पकड़कर आश्रय स्थल तक पहुंचाने, भरणपोषण की व्यवस्था ग्राम प्रधानों को करनी होगी। इसके लिए सीडीओ आर्यका अखौरी ने सभी ग्राम प्रधानों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

साथ ही पशुपालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने पशुओं को घर या घेर में ही बांधकर रखें। पूरे प्रदेश में बेसहारा गोवंश की सुरक्षा और उनको उचित स्थान पर रखकर चारे आदि की व्यवस्था कराने के लिए अभियान शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री ने दस जनवरी तक का समय दिया हुआ है। अब एक दिन शेष है। तो सभी अधिकारी हरकत में आ गए हैं। जहां नगर निगम प्रशासन ने शहर की सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गोवंश को पकड़ने और उनके रखने की व्यवस्था कर दी है। 

वहीं देहात के गांवों में बेसहारा घूमने वाले गोवंश को पकड़ने, उनको आश्रय स्थल तक पहुंचाने और चारे आदि की सुविधा की जिम्मेदारी सभी ग्राम प्रधानों को सौंपी गयी है। ग्राम प्रधानों को अपने अपने गांव में मुनादी कराकर संदेश देना होगा कि कोई पशुपालन गोवंश को बेसहारा नहीं छोड़ेगा। अपने पशुओं को अपने घेर में ही बांधकर रखेंगे।

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