सीएम योगी ने कहा- गन्ने से एथेनॉल बनाने की अनुमति से बदलेगी किसानों की तकदीर

कृषि कुंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हर जिले में कृषि विकास केंद्र (केवीके) खोले जाने की घोषणा की। बड़े जिलों में दो केवीके खोले जाएंगे। योगी ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी, तो प्रदेश में मात्र 69 कृषि विज्ञान केंद्र थे। सरकार ने 20 नए केंद्रों को मंजूरी दिलवाई है। इनके निर्माण का काम चल रहा है। इन केंद्रों को कृषि विश्वविद्यालयों से जोड़ा जा रहा है। 

सीएम ने कहा कि डेढ़ साल में गन्ने का रकबा दोगुना किया और यूपी गन्ना उत्पादन में दोबारा नंबर एक हुआ है। चीनी मिलों को गन्ने से एथेनॉल बनाने की अनुमति देने से किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। उन्हें गन्ने का समय से और उचित मूल्य का भुगतान हो सकेगा। बाणसागर परियोजना से 14 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित करने जा रहे हैं। मध्य गंगा परियोजना के तहत पश्चिमी यूपी में कार्य शुरू किया।

वर्षों से लंबित अन्य सिंचाई परियोजनाओं पर भी काम हो रहा है। अब तक एक लाख 98 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई की व्यवस्था की जा चुकी है। ड्रिप सिंचाई में 80 से 90 प्रतिशत तक सब्सिडी योजना शुरू की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लागत से डेढ़ गुना समर्थन मूल्य घोषित करके आजादी के बाद किसान हित में सबसे बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में धान पर एमएसपी के अलावा प्रति क्विंटल 20 रुपये बोनस भी दिया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि प्रधानमंत्री बीमा योजना का किसानों को अधिकाधिक लाभ दिया जाए। 

सीएम ने कहा कि यूपी में पहली बार कृषि कुंभ हो रहा है। जापान और इस्राइल ने कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्य किया है। कुंभ में हमारे किसानों को वहां हुई कृषि क्रांति के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। योगी ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए तकनीक उपलब्ध कराने पर इस्राइल की सरकार का आभार जताया। 

…तो यूपी का किसान होगा सबसे समृद्ध

योगी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य हासिल करने में दिक्कत नहीं आएगी। अगर सारी योजनाएं जमीन पर उतर आएंगी, तो यूपी का किसान सबसे समृद्ध होगा। उत्तर प्रदेश अपनी उर्वरा शक्ति के लिए जाना जाता है। यहां के किसानों को कृषि तकनीकों की सही जानकारी हो जाए तो वे पूरी दुनिया के लिए अन्न का उत्पादन कर सकते हैं। 
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