सीएम योगी ने कोरोना के कहर को देखते हुई बढाई सख्ती, गाइडलाइन जारी…

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का संक्रमण प्रदेश में दोबारा तेजी से फैलने के कारण इस पर अंकुश लगाने की जोरदार तैयारी में है। सरकार ने कोविड गाइडलाइन तय कर दी है।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर अपनी तैयारी एक बार फिर से पुख्ता कर ली है। सरकार ने कोविड गाइडलाइन के तहत अब जिला प्रशासन को हर तरफ सख्त होने का निर्देश दिया है। शासन ने तय किया है कि अब बंद स्थान पर किसी समारोह में अधिकतम 100 व्यक्ति और खुले स्थान पर उस परिसर की क्षमता से 50 फीसद या अधिकतम 200 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति रहेगी। मुख्यमंत्री के दोपहर में निर्देश के बाद शासन ने रात में कोविड गाइडलाइन जारी कर दी.

विदा होते ही लौट पड़ा कोरोना संक्रमण फिर पहले जैसे हालात बनाता दिख रहा है। यूपी में एक ओर जहां कंटेनमेंट जोन बनाने के लिए कवायद शुरू हो ही चुकी है तो वहीं अब सार्वजनिक स्थलों और कार्यक्रमों में स्थल की क्षमता के पचास फीसद व्यक्तियों के शामिल होने की बाध्यता भी लागू कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सौ से अधिक कोरोना मरीज वाले जिलों में भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि कोविड-19 के नए स्ट्रेन की संक्रमण दर काफी अधिक है, इसलिए पूरी सजगता बरतना आवश्यक है। सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक स्थलों व कार्यक्रमों में 100 से अधिक लोग एकत्र न हों। सीएम ने लखनऊ, कानपुर नगर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। संक्रमण की चेन तोडऩे के लिए उन्होंने कान्टैक्ट ट्रेसिंग को बेहद अहम बताते हुए संदिग्ध मामलों में अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर टेस्ट और प्रदेश भर में जांच की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। इसके बाद देर शाम मुख्य सचिव आरके तिवारी की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया। इसमें उल्लेख किया गया कि कोविड-19 के लिए निर्धारित प्रोटोकाल और अपेक्षित सावधानियां बरतने के साथ ही कंटेनमेंट जोन के बाहर सामाजिक, धार्मिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षिक, सांस्कृतिक आदि कार्यक्रमों में लोगों के एकत्र होने की नई व्यवस्था अगले आदेशों तक जारी रहेगी। इसके तहत किसी भी बंद स्थान जैसे, हाल या कमरे की निर्धारित क्षमता का पचास फीसद, लेकिन एक समय में अधिकतम सौ व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति होगी। इसी तरह खुले स्थान या मैदान में क्षेत्रफल की क्षमता से पचास फीसद तक और एक समय में अधिकतम 200 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे। सभी स्थानों पर फेस मास्क, शारीरिक दूरी, थर्मल स्केङ्क्षनग, सैनिटाइजर और हैंडवाश की उपलब्धता अनिवार्य रहेगी।

एंबुलेंस के लिए न करना पड़े किसी को इंतजार:  मुख्यमंत्री ने कोरोना के साथ ही सभी तरह के रोगों के इलाज की व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने खास तौर पर एंबुलेंस सेवा को मजबूत बनाए रखने को कहा। कोविड और नॉन कोविड मरीजों के लिए एंबुलेंस मौजूद रखने पर जोर देते हुए योगी ने हिदायत दी कि किसी भी मरीज को एंबुलेंस का इंतजार न करना पड़े। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार और अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल भी उपस्थित थे। 

संक्रमित मिलने पर शहरों में बनेेंगे कंटेेनमेंट जोन: प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की बढाती संख्या को देखते हुए नए दिशा निर्देश जारी किए गए थे। जिसमें शहरों में संक्रमित मिलने पर कंटेनमेंट जोन बनाए जाने का निर्देश है। एक संक्रमित पर 20 मकानों का क्षेत्र सील होगा। एक से अधिक संक्रमित पर 60 घर सील होंगे। कंटेनमेंट जोन में लोगों का आवागमन बंद रहेगा। इसके साथ सॢवलांस टीम सर्वे और जांच करेंगी। कोविड को लेकर बहुमंजिला अपार्टमेंट के लिए नए नियम जारी किए गए हैं। एक संक्रमित मिलने पर उस अपार्टमेंट की एक मंजिल सील की जाएगी। यहां मरीज वाली मंजिल को कंटेन्मेंंट जोन बनाया जाएगा। एक से अधिक संक्रमित मिलने पर पूरा अपार्टमेंट सील किया जाएगा। इसमें 14 दिनों तक एक भी संक्रमित न मिलने पर मुक्ति मिलेगी। यहां पर 14 दिन बाद कंटेनमेंट जोन समाप्त होगा।

प्रभावी हो कांटैक्ट ट्रेसिंग: सीएम योगी आदित्यनाथ ने निदेश दिया है कि संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए कांटैक्ट ट्रेसिंग का कार्य प्रभावी ढंग से किया जाए। कोविड पाजिटिव व्यक्ति के अधिक से अधिक कांटैक्ट्स को चिन्हित करते हुए ऐसे लोगों की जांच कराई जाए। इसके साथ प्रदेश में कोविड-19 की टेस्टिंग का कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। किसी भी संदिग्ध केस में अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर टेस्ट किया जाए।

बचाव के लिए लोगों को निरंतर जागरुक किया जाए: मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को निरंतर जागरूक किया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने कोविड अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में बेड्स की संख्या बढ़ाने, कोविड अस्पतालों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल एवं नॄसग स्टाफ, आवश्यक औषधियों, मेडिकल उपकरणों और बैकअप सहित आक्सीजन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड एवं नॉन कोविड अस्पताल स्थापित किए जाएं। कोविड मरीज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एम्बुलेंस का उपयोग नॉन कोविड मरीजों के लिए न किया जाए। एम्बुलेंस के लिए किसी भी मरीज को इंतजार न करना पड़े। 

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