सीएम योगी को आया गुस्सा, कहा- आतंकवादियों के शुभचिंतक विपक्ष की…

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश विरोधी ताकतों के समर्थन में बयानबाजी करने के लिए विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा कि देश विरोधी नारे लगाने वाले विपक्ष का चेहरा बेनकाब करना होगा. बीजेपी (BJP) प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी विपक्ष पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के शुभचिंतक विपक्ष की नकारात्मकता से लोगों को बचाना होगा.
सीएम योगी ने कहा कि लव जेहाद के खिलाफ हमने कदम उठाया तो विपक्ष को परेशानी हो रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को विपक्ष के भ्रम और छल से सतर्क रहने की नसीहत दी है.
विपक्ष ने किया भ्रम फैलाने का काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों को विपक्ष की नकरात्मकता से बचाना होगा. याद रखिए कोरोना काल में ये चेहरे कहीं नहीं दिखाई दिए. ये लोग अपने-अपने स्तर पर सिर्फ भ्रम की स्थिति पैदा करके नकरात्मक स्थितियां पैदा कर रहे थे.
धर्मांतरण के मुद्दे पर सीएम योगी ने क्या कहा?
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कैसे बयानबाजी कर रहा है, इसे लोगों को बताना होगा. साजिश करने वाले मूकबधिर बच्चों को टूल बनाकर, उन्हें अपनी ही व्यवस्था के खिलाफ खड़ा करके भयानक स्थितियां पैदा करने की कोशिश कर रहे थे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीजेपी के एजेंडे में देश हमेशा सर्वोपरि रहा है. वहीं विपक्षी नेता देश की सुरक्षा को लेकर गलत बयानबाजी कर रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं. कुछ लोग जिहादी एजेंडे के तहत मूक बधिर बच्चों को निशाना बना रहे थे और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ रहे थे. ये मामूली घटना नहीं थी बहुत बड़ी साजिश रची जा रही थी.
समाजवादी पार्टी पर सीएम योगी का हमला
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी राजनीति के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने से नहीं चूक रही. आगरा में सपा कार्यकर्ताओं ने देश विरोधी नारेबाजी की. यही उनकी असलियत है. पहले भी आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों पर से समाजवादी पार्टी ने मुकदमे वापस लेने में अपनी सहमति जताई थी.
सीएम योगी ने कहा कि लव जेहाद के खिलाफ हमने कदम उठाया तो इनको परेशानी हो रही है. हमको लोगों को बताने की जरूरत है कि ये जो कह रहे हैं वो क्या है, हमें इनके चेहरे बेनकाब करने होंगे.
उन्होंने कहा कि 4 साल पहले गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाएं सरकार के एजेंडे में नहीं होते थे. ये सिर्फ वोटबैंक तक सीमित होते थे. लेकिन इनके लिए जो योजनाएं बनीं उसका परिणाम सामने आ रहा है. आज एक क्लिक पर पैसा गरीब के खाते में जा रहा है. हमने किसी की जाति या मजहब नहीं देखा.





