CM केजरीवाल ने कहा-सभी सरकारों को साथ आकर प्रदूषण के मुद्दे पर करनी चाहिए चर्चा

दिल्ली में प्रदूषण बेहद खतनाक स्थिति में पहुंच गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि सभी वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का कहना है कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से प्रदूषण दिल्ली तक पहुंच रहा है। हम किसी के खिलाफ कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं करना चाहते।

विपक्षी पार्टियों को नसीहत देते हुए केजरीवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी सरकारों को साथ आकर प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए।

इस शपथपत्र के अनुसार पंजाब के किसानों के लिए 33 हजार, हरियाणा के किसानों के लिए 11 हजार और यूपी के किसानों के लिए करीब 18 हजार मशीनें वर्ष 2018-19 के दौरान केंद्र की ओर से प्रदान की गईं ताकि किसानों को पराली जलाना न पड़े। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान केंद्र सरकार ने इन तीन राज्यों के लिए 24 हजार, 14 हजार और 7 हजार मशीनों को मंजूरी दी है। उन्होंने सवाल किया है कि ऐसे में आप बताएं कि पराली की पूर्ण रोकथाम के लिए इन तीन राज्यों में से प्रत्येक को कितनी मशीनों की जरूरत है? क्या दी गईं मशीनें पर्याप्त हैं?

केंद्र इन मशीनों को वार्षिक किस्तों में क्यों दे रहा है? इस तरह केंद्र कितने वर्षों में आपेक्षित मशीनों को इन राज्यों को प्रदान कर देगा? कब तक दिल्ली के लोगों का पराली के धुएं से मुक्ति मिल पाएगी? क्या उन क्षेत्रों में मशीनों के प्रभाव का आकलन किया गया है, जहां किसान इन मशीनों का उपयोग कर रहे हैं और उन्होंने पराली जलाना बंद कर दिया है?

वहीं दिल्ली भाजपा के चुनाव प्रभारी व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने प्रदूषण को लेकर हो रही राजनीति पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य की एजेंसियों को मिलकर प्रदूषण कम करने के लिए काम करना पड़ेगा।

Back to top button