महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र का चुनाव करना, इसके पीछे था एक राज…

महाभारत युद्ध और गीता की रचना कुरुक्षेत्र में युद्ध भूमि में हुई. लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ, जो युद्ध के लिए इस जगह का चुनाव किया गया और सारे वीर, ऋषि, गुरु सबने युद्ध में प्राण त्याग दिए .

महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र का चुनाव करना, इसके पीछे था एक राज…

तो आइये जानते है कुरुक्षेत्र का राज़ –

  • कुरु एक बहुत तेजस्वी और प्रतापी राजा था. इस राजा के आधीन में आने वाले क्षेत्र को कुरुक्षेत्र कहा जाता है.
  • कुरुक्षेत्र के इस भाग को राजा कुरु अपने हाथो से जोतते और अन्न उगाते थे.
  • राजा कुरु इस जगह को एक मोक्ष प्राप्ति की जगह बनना चाहते थे.
  • राजा कुरु पर इंद्र की कृपा हो गई और इंद्र के वरदान से यह जगह मोक्षप्राप्ति की जगह बन गई.
  • राजा कुरु का विवाह शुभांगी से हुआ. इनकी संतान विदुरथ हुई और इनकी पीढ़ी आगे बढ़ी–जिसमे धृतराष्ट्र और पांडू हुए–धृतराष्ट्र
  • की संतान कौरव और पांडू की संतान पांडव हुए.
  • यह सब एक वंश की बेला थी. कौरवो और पांडवो दोनों पाप कर्म में डूबे हुए थे.
  • श्री कृष्ण और भीष्म पितामह को इस कुरुक्षेत्र को मिले वरदान का ज्ञान था.
  • इस जगह में मरने वाले हर जीव, जन्तु, पशु, पक्षी, और इन्सांनो को मोक्ष मिलना ही था.
  • इसलिए कुरु के कुल और सारे वीर योद्धा, ऋषियों, गुरुओं को मोक्ष दिलाने के लिए ही कुरुक्षेत्र का चुनाव किया गया.
  • इस पाप से मुक्ति दिलाने के लिए ही महाभारत युद्ध हुआ और इसके लिए इस जगह का चयन कर अपने कुल को मुक्ति दिलाई.
  • इस जगह में जितने लोगो की मौत हुई वह अधर्मी होते हुए भी, पाप मुक्त होकर, मोक्ष को प्राप्त कर, इतिहास की रचना कर गए.

कुरुक्षेत्र एक वरदान प्राप्त भूमि थी, जहाँ किसी भी जीव जन्तु इंसान की मृत्यु हुई तो उनको मोक्ष की प्राप्ति होनी ही थी. इसलिए इस जगह का चुनाव महाभारत युद्ध के लिए किया गया था.

Ujjawal Prabhat Android App Download

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button