भारत और पाकिस्तान के बीच दूरियों को कम करने में चीन की अहम भूमिका…
यी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि चूंकि वह एससीओ में शामिल हुए हैं, ऐसे में शायद हम उन्हें आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए एक बेहतर प्लैटफॉर्म और अवसर प्रदान कर सकते हैं।’ यह बयान काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यह संकेत दिया था कि पाकिस्तान भारत और चीन के सुधरते रिश्तों के बीच रोड़ा अटकाए हुए है। मोदी ने एससीओ बैठक को संबोधित करते हुए यह भी कहा था कि इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित योजनाएं समूह के सदस्य देशों की संप्रभुता को ध्यान में रखकर ही चलाई जाएं।
बैठक में मोदी इस बात की ओर ध्यान दिला रहे थे कि चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरती है। भारत अकेला ऐसा एससीओ सदस्य रहा जिसने बीआरआई का समर्थन करने से मना कर दिया। जबकि रूस, पाकिस्तान और केंद्रीय एशिया देश इसका समर्थन कर रही हैं। इसके अलावा भारत ने चीन की महत्वाकांक्षी वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) परियोजना का समर्थन नहीं किया। वांग ने बताया कि सभी एससीओ देशों ने एक दूसरे के सदस्यों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने की कसम खाई है।





