इस्तीफे के बाद चीफ प्रॉक्टर बोले- JNU से आए लोगों ने BHU में लड़कियों को उकसाया

  • वाराणसी.बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में 6 दिन पहले गर्ल्स हॉस्टल में छेड़छाड़ और बाद में लड़कियों पर हुए लाठी चार्ज के विवाद में चीफ प्रॉक्टर ओएन सिंह ने इस्तीफा दे दिया। बातचीत में सिंह ने कहा कि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बिना किसी दवाब के इस्तीफा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के चलते जेएनयू और हैदराबाद से असामाजिक तत्व कैंपस में आए थे और धरने में शामिल होकर लड़कियों को उपद्रव के लिए उकसाया। बीएचयू में सिक्युरिटी गार्ड्स और बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है।
    इस्तीफे के बाद चीफ प्रॉक्टर बोले- JNU से आए लोगों ने BHU में लड़कियों को उकसाया

    BHU विवाद से जुड़े 6 सवाल और उनके जवाब…

    Q. छेड़छाड़ मामले में पहले ही दिन कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
    A.बीएचयू में 174 गार्ड्स की कमी है, फिलहाल कैंपस में 700 से ज्यादा सिक्युरिटी गार्ड्स तैनात हैं। ट्रामा, हाॅस्पिटल और बाकी स्थानों पर ज्यादातर गार्ड्स ड्यूटी पर लगाए जाते हैं। अगर इनकी संख्या पर्याप्त हो तो असामाजिक तत्व हावी न हो पाते। घटना 21 सितंबर शाम करीब 6.30 बजे हुई। इसके बाद मैं फौरन हॉस्टल गया और शिकायत देने के लिए कहा। पर लड़कियों ने बिना नाम-पते के शिकायत दी। मैंने लंका थाने को इसकी सूचना दी थी, इसके बाद रात को पुलिस हॉस्टल पहुंची। शिकायत में नाम-पते का जिक्र नहीं होने से पुलिस ने उसे नहीं माना और मौके का जायजा लेकर लौट गई।
    Q. प्रदर्शन से पहले हाॅस्टल में ही मामले को क्यों नहीं सुलझाया?
    A.अगली सुबह लड़कियों ने नाम-पते के साथ मुझे दोबारा शिकायत दी थी। इस पर लंका थाने में केस दर्ज हो गया। इस बीच, कुछ लड़कियां हॉस्टल के बाहर धरने पर बैठ गईं। मैंने उनसे बात की और जांच के लिए 24 घंटे का वक्त मांगा। साथ ही शहर में प्रधानमंत्री के दौरे का हवाला भी दिया, क्योंकि नरेंद्र मोदी का काफिला यूनिवर्सिटी से होकर गुजरना था। इसके बाद भी लड़कियों ने धरना खत्म नहीं किया। इस बीच, कुछ बाहरी असामाजिक तत्व भी धरने में शामिल हो गए।
    Q. वीसी को धरना स्थल पर जाने में क्या परेशानी थी?
    A.धरने पर बैठे स्टूडेंट वीसी को धरना स्थल पर बुलाने की मांग कर रहे थे। मैंने लड़कियों के एक डेलिगेशन को वीसी से मिलने की सलाह दी, लेकिन वो नहीं माने और धरना प्रदर्शन उग्र हो गया। वीसी की एक मर्यादा होती है, इसलिए वो धरना स्थल पर नहीं गए।
    Q. क्या यूनिवर्सिटी के त्र‍िवेणी हॉस्टल पर लाठीचार्ज हुआ था?
    A.पुलिस और एडमिनिस्ट्रेशन के अफसर जब कैंपस के अंदर गए, उस वक्त मैं वहां मौजूद नहीं था। मैं ज्यादा कमेंट नहीं करूंगा। उस रात हमारे पास 30 से 35 गार्ड्स ही थे।आगजनी शुरू हो चुकी थी, गेट तोड़ दिया गया। मेरी जांच के मुताबिक, हॉस्टल में लाठीचार्ज नहीं हुआ। हालांकि, सूचना मिली थी कि लाठीचार्ज के बाद लड़कियों ने कॉलेज का गेट बंद कर दिया। मैं फौरन मौके पर पहुंचा। वहां एक लड़की बीमार हो गई थी, मैंने अफसरों से बात कर एम्बुलेंस बुलवाई और उसे इलाज के लिए भेजा गया।

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    Q. आपके मुताबिक, धरने में शामिल असामाजिक तत्वों का एजेंडा क्या था?
    A.जेएनयू और हैदराबाद से कुछ लोग यूनिवर्सिटी कैंपस में आए थे। लड़कियों ने बताया कि उन्हें सालभर से खाना और बाकी फैसिलिटीज को लेकर उपद्रव करने के लिए उकसाया जा रहा था। पिछले दिनों कुछ लोग मुंह ढंककर कैंपस में घूमते भी देखे गए थे। 22-23 सितंबर को पीएम का वाराणसी में प्रोग्राम था। अराजक तत्वों का एजेंडा था कि लड़कियों को उग्र करके मोदीजी का विरोध किया जा सके।
    Q. बीएचयू में लड़कियों की असुरक्षा की क्या वजह है और आपने क्या कदम उठाए?
    A.कैम्पस में लड़कियों का हॉस्टल एकांत में बना है और कई हिस्सों में बंटा है। शायद इसलिए वहां ठीक से सिक्युरिटी नहीं हो पाती। मैं पहले ही बता चुका हूं, बीएचयू में 174 गार्ड्स की कमी है। मैंने पहले ही दिन गार्ड्स से कहा था कि छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों की पहचान कर उन्हें पीटते हुए मेरे पास लाना। साथ ही कैंपस में गश्त बढ़ाने का भी ऑर्डर दिया।
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