खुशखबरी पंजाब में 18 मई से कर्फ्यू हटाने का फैसला लिया CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने

कोरोना के नए मामलों में कमी आने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में 18 मई से कर्फ्यू हटाने का एलान कर दिया है, हालांकि लॉकडाउन 31 मई तक जारी रहेगा।

इसके साथ ही नॉन-कंटेनमेंट जोनों में अधिक ढील देने और सीमित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बहाल करने के भी संकेत दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शैक्षिक संस्थाएं फिलहाल बंद रहेंगी।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को ‘कैप्टन को सवाल’ की श्रृंखला के तौर पर फेसबुक के जरिए लोगों से बातचीत के दौरान यह घोषणा की।

उन्होंने बताया कि नान-कंटेनमेंट जोन में दुकानें और छोटे कारोबार शुरू करने के अलावा कंटेनमेंट जोन वाले इलाके सख्ती से सील किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 4.0 के लिए केंद्र सरकार के नए दिशा -निर्देशों का आकलन करके दी जाने वाली छूटों का एलान सोमवार तक कर दिया जाएगा। 

इसे भी पढ़ें- शराब तस्करी और अवैध बिक्री का मामला, कैप्टन का आदेश- डीएसपी और एसएचओ पर करो कार्रवाई
अमरिंदर ने लोगों को और ज्यादा सचेत रहने और सरकार को सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले 55 दिनों से सख्ती से लागू किए कर्फ्यू को लॉकडाउन में तब्दील करके ढील दी जा रही है। उन्होंने विरोधी पक्ष को कोविड-19 के गंभीर मुद्दे पर संकुचित राजनीति न करने और राज्य सरकार का सहयोग करने की अपील की।

सीएम ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री की तरफ से मांगे गए सुझाव के अनुसार राज्य सरकार ने केंद्र को सुझाव भेजकर विभिन्न तरह की छूट देते हुए राष्ट्रीय लॉकडाउन की सिफारिश की थी, जिसे 31 मई तक बढ़ाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की तरफ से ग्रीन /आरेंज /रेड जोन के वर्गीकरण की बजाय केवल दो, सीमित या गैर -सीमित जोन का सुझाव दिया है। 

राज्य में नांदेड़ से श्रद्धालुओं और कोटा से विद्यार्थियों के आने से कोरोना के मामलों में एकदम विस्तार हुआ था लेकिन बीते चार दिनों से नए मामलों में कमी आई है।

उन्होंने लोगों को सहयोग के लिए धन्यवाद किया, जिस कारण राज्य कोविड के मामलों पर काबू पा सका है। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की बुआई की तारीख 10 जून से आगे करके 1 जून करना संभव नहीं है, क्योंकि अभी गेहूं मंडियों में आ रहा है।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से वापस आने के लिए 60 हजार और विदेश से पंजाब लौटने के लिए 20 हजार पंजाबियों ने अब तक रजिस्ट्रेशन करवाया है।

उनकी सरकार अपने राज्यों को वापस जाने के इच्छुक प्रवासी कामगारों के जाने के लिए खर्च और हर सुविधा जारी रखेगी। 

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा संस्थान सख्ती से बंद रखे जाएंगे, क्योंकि वह बच्चों की जिंदगी को लेकर किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते।

उन्होंने कहा कि वह स्कूल जिनके पास बंदोबस्त है, वह ऑनलाइन क्लास शुरू कर सकते हैं। लेकिन यह फीस बढ़ाए बगैर और ट्यूशन फीस के अलावा और कोई चार्ज लिए बिना करना होगा।

कैप्टन ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र को भेजी अपनी सिफारिशों में हवाई यातायात, ट्रेन और अंतर-राज्यीय बस सेवा को कम संख्या में यात्रियों की शर्त के साथ शुरू करने के अलावा अंतर-जिला और जिलों के अंदर बस सेवा के साथ-साथ टैक्सी, कैब, रिक्शा, ऑटो रिक्शा फिर शुरू करने के लिए कहा है।

अन्य सिफारिशों में सभी मार्केट और मार्केट कॉम्पलेक्सों में दुकानें खोलने, शहरी क्षेत्रों में बिना किसी पाबंदी के उद्योगों और निर्माण कामों को चलाने, सभी चीजों के लिए ई -कामर्स की इजाजत देने की सिफारिश भी की है।
 
निजी और सरकारी, दोनों दफ्तरों को पूरे हफ्ते के लिए खोलने की अनुमति मांगी गई है। राज्य सरकार सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक व्यक्तियों की आवाजाही पर कोई पाबंदी लगाने के हक में नहीं है।

इसके अलावा, राज्य सरकार ऐसी गतिविधियों पर निरंतर रोक के हक में है, जहां एक छत के नीचे बड़ी भीड़ हो। जैसा कि शॉपिंग मॉल, सिनेमा घर, विवाह और दावत हॉल, सामाजिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक जलसा, धार्मिक स्थान आदि

Ujjawal Prabhat Android App Download Link
News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button