चाणक्य: भूलकर भी ना करें इन 4 लोगों का साथ दोस्ती, वरना हो जाएंगे बर्बाद

आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में वैवाहिक जीवन, धन, तरक्की, कारोबार और नौकरी संबंधी समस्याओं का हल बताया है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को जीवन में कुछ लोगों से दोस्ती नहीं करनी चाहिए। क्योंकि ऐसे लोगों का साथ देने से व्यक्ति का जीवन बर्बाद हो जाता है। आचार्य चाणक्य का मानना है कि ऐसे व्यक्ति सांप से भी ज्यादा खतरनाक होता है।

चाणक्य श्लोक में कहते हैं-

दुराचारी च दुर्दृष्टिर्दुरावासी च दुर्जनः।
यन्मैत्री क्रियते पुम्भिर्नरः शीघ्रं विनश्यति।। 

चाणक्य कहते हैं कि दुराचारी व्यक्ति, दुष्टस्वभाव वाला व्यक्ति, बिना किसी कारण दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाला, दुष्ट व्यक्ति से दोस्ती रखने वाला श्रेष्ठ या उत्तम पुरुष भी शीघ्र ही नष्ट हो जाता है। चाणक्य का मानना है कि संगति का प्रभाव अवश्य पड़ता है। ऐसे में विद्या से धनवान व्यक्ति को दुर्जन इंसान से दूर रहना चाहिए।

दुर्जनेषु च सर्पेषु वरं सर्पो न दुर्जनः।
सर्पो दंशति कालेन दुर्जनस्तु पदे-पदे।।

चाणक्य के अनुसार, दुष्ट और सांप में अच्छा है सांप, न कि दुष्ट। सांप एक बार डंसता है लेकिन दुष्ट व्यक्ति हर वक्त नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार रहता है। चाणक्य कहते हैं कि दुष्ट व्यक्ति से सभी को बचकर रहना चाहिए।

Ujjawal Prabhat Android App Download Link
News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button