5 साल से दोस्त थे आरोपी

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दो शिक्षकों और एक ट्यूशन टीचर को पुलिस कस्टडी में भेज दिया था. इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कोर्ट से तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजने की मांग की थी जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था. जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि तीनों लोग पिछले चार-पांच वर्षों से मित्र थे. एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने 10 व्हाट्सऐप नम्बरों के आधार पर तौकीर पर ध्यान केंद्रित किया. इन नम्बरों का इस्तेमाल लीक पेपर को फैलाने के लिए किया गया था. पुलिस ने बताया कि व्हाट्सऐप के जरिए फैलाए गए पेपर में एक लोकेशन कोड था जिसका उस प्राइवेट स्कूल को आवंटित कोड से मिलान हो गया, जहां से पेपर लीक हुआ था.

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सीबीएसई अधिकारी हो चुका निलंबित

दूसरी तरफ स्कूल शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने सीबीएसई अधिकारी के. एस राणा को पेपर लीक मामले में परीक्षा केंद्र की निगरानी में ढिलाई बरतने के चलते निलंबित कर दिया था. उन्होंने कहा था, ‘‘मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर द्वारा दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश पर बोर्ड ने के. एस राणा द्वारा परीक्षा केंद्र (0859) की निगरानी में ढिलाई पाई और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. एक औपचारिक जांच भी शुरू कर दी गई है.’’