सावधान! ज्यादा देर टांगों को क्रॉस करके बैठने से महिलाओं को होते हैं ये बड़े नुकसान

अक्सर ऐसा होता है की हम डेस्क पर या चेयर पर काम करते करते अपने पैरों क क्रॉस करके बैठ जाते हैं और ये आदत ज्यादातर महिलाओ में पाया जाता है हालांकि कुछ लोगों को ऐसे बैठने से आराम मिल सकता है।लेकिन अगर आपकी इस तरह से बैठने की आदत सालो पुरानी है और ना चाहते हुए भी अपने आपके पैर इस पोजीशन में आ जाते हैं तो फिर ये आपके लिए बड़ी समस्या साबित हो सकती है क्योंकि इससे पैर और टांग में दबाव कम हो जाता है। जिससे आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार भी आपको इस आदत पर पुनर्विचार करने की जरूर है, क्योंकि पैरों को क्रॉस करके बैठने से वास्तव में आपके स्वास्थ्य पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं |आइये जानते हैं कौन कौन से हैं वो नकारात्मक प्रभाव
ऑर्थोपेडिक फिजिकल थेरेपिस्ट विवियन एइसेन्सटेड्ट के अनुसार, अगर महिलाएं ज्यदा समय के लिए इस तरह बैठती हैं तो उनको कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या हो सकती है | और बहुत अधिक देर तक ऐसे बैठने से आपके रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे उसमें दर्द होने लगता है |
महिलाओ में पैरों को क्रॉस करके बैठने से हिप्स टॉर्क की स्थिति में आ जाता है, जिससे आपकी पेल्विक बोन में से एक के रोटेशन प्रभावित होता है। जबकि आपकी पेल्विक रीढ़ की हड्डी के समर्थन का आधार होती है, और इसको घुमाने और अस्थिर रहने से आपकी गर्दन और पीठ के निचले और मध्यम भाग पर अनावश्क दबाव आने लगता है।
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विस के अनुसार, पैरों को क्रॉस करके बैठने से आपको स्पाइडर वेन की समस्या हो सकती है जिसमे जो की बहुत ही घातक बीमारी है जिसमे एक पैर के ऊपर दूसरे पैर के दबाव रक्त प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने लगता है जिससे आपके पैरों की नसें कमजोर या नुकसान होने लगता है। नसों के क्षतिग्रस्त या कमजोर होने पर ब्लड में रिसाव होता है और वह वहां जमा हो जाती है। इसे ही स्पाइडर वेन की समस्या कहते हैं।
पुरुष में लेग को को क्रॉस करके बैठने से कमर के नीचे का तापमान बढ़ जाता है। और इसीलिए नियमित रूप से कई घंटों तक इस तरीके से बैठने के कारण पुरुषों की शुक्राणुओं की संख्या पर असर पड़ने लगता है
घुटने से पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने से अस्थायी रूप से आपका रक्तचाप बढ़ने लगता है। क्योंकि जब आप क्रॉस करके बैठते हैं तो रक्त के प्रवाह का प्रतिरोध बढ़ जाता है। इससे परिणामस्वरूप दिल को वापस रक्त पुश करने के लिए आपके शरीर का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
पैरों के क्रॉस करने से आपके पेरोनेाल नर्व पर दबाव पड़ता है, पेरोनोल आपके पैर में प्रमुख नर्व होती है जो घुटने के नीचे और पैर के बाहर से गुजरती है। इसीलिए इस दबाव से पैर की कुछ मांसपेशियों में अकड़न और अस्थासी पैरालिसिस का कारण बन सकता है।
अक्सर पैरों को क्रॉस करके बैठने से रक्तचाप बढ़ने के साथ साथ हृदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए लंबे समय तक पैरों को क्रॉस करके बैठने से बचें।





