CAA-NRC पर क्या कहती है पीएम मोदी की कुंडली? जानकर रह जाएंगे दंग

पराक्रमी ग्रह पृथ्वीपुत्र मंगल 25 दिसंबर की रात्रि 9 बजकर 25 मिनट पर तुला राशि की यात्रा संपन्न करके अपनी राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। जहां पर यह 7 फरवरी 2020 की मध्य रात्रि पश्चात 03 बजकर 48 मिनट तक रहने के बाद धनु राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल के बृश्चिक राशि में प्रवेश के साथ ही भारतवर्ष में बढ़ी हुई अराजकता पर काफी हद तक पर विराम लगेगा।
स्वतंत्र भारत की वृषभ लग्न की कुंडली में मंगल सप्तम केंद्र भाव में चले जाएंगे और पूर्ण दृष्टि से कर्मभाव, लग्नभाव और धनभाव को देखेंगे फलस्वरूप शासन सत्ता कठोर निर्णय लेने के लिए नहीं हिचकेगी। मंगल का गोचर भारतवर्ष की प्रभाव राशि कर्क के पंचम भाव में होगा, जिसके फलस्वरूप इनके प्रभाव में शुभता अधिक रहेगी और सरकार द्वारा जनता को अपनी नीतियां समझाने में आसानी होगी।

फलित ज्योतिष में मंगल को जमीन-जायदाद, आग्नेयास्त्रों, सेना, पुलिस विभाग, अग्निशमन सेवा, गोला बारूद से संबंधित कार्य, इंजीनियरिंग एवं कुशल प्रशासनिक शक्ति आदि का कारक माना जाता है। जन्मकुंडली में शुभ एवं बलवान मंगल जातक को हर समय उर्जा से ओतप्रोत रखते हुए स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव डालते हैं ।

यह भी पढ़ें: गणेश भगवान को इन उपायों से करें प्रसन्न, होगी सारी मनोकामना पूरी

भारतवर्ष के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की कुंडली वृश्चिक लग्न है और राशि भी बृश्चिक ही है अतः राशि में मंगल का गोचर उनके स्वयं के लिए तो अच्छा रहेगा ही वह जनता तक अपनी बात पहुंचाने एवं समझाने में सफल भी होंगे। अतः हम ऐसा मान सकते हैं कि मंगल का गोचर देश में बढ़े हुए तनाव में कमी लाएगा।

मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल कर्क राशि में नीच एवं मकर राशि में उच्च राशिगत संज्ञक माने गए हैं। जिन जातकों की जन्म कुंडलियों में मंगल की स्थिति जन्म लग्न से, पहले, चौथे, सातवें, आठवें एवं बारहवें भाव में रहती है उन्हें मांगलिक माना गया है दक्षिण भारत के ज्योतिषी जन्म कुंडलियों में लग्न से द्वितीय भाव में मंगल होने पर भी मांगलिक मानते हैं । इनका अपनी राशि बृश्चिक में आने से सभी बारह राशियों पर प्रभाव कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।

मेष राशि- राशि से आठवें भाव में मंगल का गोचर प्रभाव एवं पराक्रम की वृद्धि कराएगा। स्वास्थ्य पर भी अनुकूल प्रभाव रहेगा। इनके वृश्चिक राशि के गोचर के समय मेष लग्न में पैदा होने वाले जातक को निर्दोष मांगलिक की संज्ञा दी जाएगी। इनकी लाभभाव पर दृष्टि के फलस्वरूप आय के एक से अधिक साधन बनेंगे। रुका हुआ धन आएगा किंतु सयंम बनाये रखें और परिवार में कलह पैदा न होने दें।
Back to top button