अभी अभी : बागपत में 15 हजार रुपए का इनामी बदमाश चढ़ा एसटीएफ के हत्थे

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काठा गांव के नीटू हत्याकांड में वर्षो से फरार चल रहे 15 हजार रुपए के इनामी बदमाश जसवीर उर्फ जस्सू को लखनऊ एसटीएफ ने मुठभेड़ के बाद गौतमबुद्धगनर से गिरफ्तार कर लिया। जस्सू पर पुलिस महानिरीक्षक ने 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। गिरफ्तार बदमाश कुख्यात बदमाश विक्की सुंहेड़ा का साला है।

अभी अभी : बागपत में 15 हजार रुपए का इनामी बदमाश चढ़ा एसटीएफ के हत्थे

क्षेत्र के काठा गांव में तीन अगस्त 2013 को गांव के ही नीटू की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। नीटू के परिजनों ने कुख्यात बदमाश विक्की सुंहेड़ा ओर उसके साले जसवीर उर्फ जस्सू को नामजद करते हुए घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विक्की को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन जसवीर उर्फ जस्सू उसके हत्थे नहीं चढ़ पाया था। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक मेरठ ने जस्सू पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया था।

इनाम घोषित होते ही बागपत सहित कई जिलों की पुलिस जसवीर उर्फ जस्सू की तलाश में जुटी थी, लेकिन उन्हें सफलता नही मिल पाई थी। अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ लखनऊ के निर्देशन में इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

एएसपी संजीव सुमन ने बताया कि शनिवार की शाम एसटीएफ लखनऊ और नोएडा को गौतमबुद्धनगर के कासना थाना क्षेत्र में इनामी बदमाश के छीपे होने की सूचना मिली। जिस पर एसटीएफ टीम ने एटीएस गोलचक्कर के पास जसवीर से मुठभेड़ हुई। टीम ने जसवीर को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि टीम को पुलिस के पास से एक देशी तमंचा, कारतूस, फर्जी आधार कार्ड ओर एक कार मिली है।

बागपत क्राइम ब्रांच की टीम उससे पूछताछ करने के लिए गौतमबुद्धनगर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस पूछताछ में जसवीर ने कई घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।

फर्जी आधार कार्ड से रह रहा था जसवीर

एएसपी संजीव सुमन ने बताया कि जसवीर उर्फ जस्सू बहुत शातिर किस्म का अपराधी है। वह अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनवाकर गौतमबुद्धनगर में रह रहा था। उन्होंने बताया कि उसने फर्जी आधार कार्ड कहां से बनवाया है, इसकी जांच कराई जाएगी।

बागपत पुलिस के हाथ फिर लगी मायूसी

बागपत पुलिस इनामी बदमाशों को पकड़ने के लिए समय-समय पर अभियान चलाती है। अभियान के दौरान दबिश के नाम पर लाखों रुपए भी खर्च होते है। जसवीर उर्फ जस्सू को गिरफ्तार करने के लिए भी वह पिछले चार वर्ष से अभियान चला रही थी। बागपत और खेकड़ा पुलिस तो जसवीर को पकड़ने के लिए मुखबिरों पर भी काफी रुपये खर्च कर चुकी थी, लेकिन जसवीर उनके हत्थे नही चढ़ सका। अब एसटीएफ ने जसवीर को गिरफ्तार करने में बाजी मार ली। जिससे एक बार फिर बागपत पुलिस इनामी बदमाश को पकड़ने के मामले में बोनी साबित हुई।

गवाहों को धमकाता था जसवीर-

एएसपी संजीव सुमन ने बताया कि एसटीएफ को पूछताछ के दौरान जसवीर ने बताया कि वह विक्की उर्फ विक्रांत का साला है। विक्की पर दिल्ली पर दिल्ली और हरियाणा में कई मुकदमें दर्ज है। जब से विक्की जेल गया है, तभी से वह दिल्ली और हरियाणा में छिपकर गैंग की कमान संभाल रहा था। वह विक्की पर मुकदमें दर्ज कराने वाले वादियों को समझौते के लिए डराता था। उन्हें समझौता न करने पर धमकी देता था।

कुख्यातो से गठजोड़ की बात आई सामने-

एएसपी संजीव सुमन ने बताया कि जसवीर ने पूछताछ के दौरान बताया कि विक्की ओर परमवीर तुगाना ने मुन्ना बजरंगी की मदद से रेलवे की ठेकेदारी में सेंधमारी के प्रयास कर रहे है। उसने यह भी बताया है कि परमवीर ने वर्ष 2014 में बागपत में डबल मर्डर किया था। अब विक्की ओर परमवीर तुगाना मुकदमे के वादी को समझौते के लिए दवाब बना रहे है। उसने बताया कि विक्की के सम्बंध परमवीर तुगाना, अजित उर्फ हप्पू, अनिल दुझाना ओर मुन्ना बजरंगी से भी है।

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