गौरव यात्रा से सरकारी कामों को अलग रखे बीजेपी: हाईकोर्ट
जयपुर: राजस्थान उच्च न्यायालय ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अपनी जारी गौरव यात्रा को सरकारी कार्यक्रमों से अलग रखने का निर्देश दिया. न्यायमूर्ति जी.आर. मूलचंदानी ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया. इस याचिका में कथित तौर पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में यात्रा में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने की बात कही गई है.
उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि यात्रा के दौरान विभिन्न कार्यक्रम जो राज्य सरकार आयोजित कर रही है, उन्हें बंद किया जाना चाहिए. राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग ने 10 अगस्त को बीजेपी को नोटिस जारी कर यात्रा के खर्चे का विवरण जमा करने को कहा था.
पार्टी ने 1.8 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कहते हुए रिपोर्ट जमा की है. न्यायमूर्ति नंदराजोग ने 27 अगस्त को अंतिम बहस के समाप्त होने पर फैसला सुरक्षित कर लिया था. यह पीआईएल वकील विभूति भूषण शर्मा ने दाखिल की थी.
राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान सरकारी खर्च पर कोर्ट के रोक लगाने के आदेशों के बाद कांग्रेस ने प्रसन्नता जाहिर की है. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने बयान जारी करते हुए कहा है कि न्यायपालिका का निर्णय बताता है कि सरकार किस तरह से अपनी यात्रा पर जनता की गाढ़ी कमाई खर्च कर रही थी. बता दें, सचिन पायलट ने अब तक यात्रा पर लगे पूरे खर्च का हिसाब किताब की भारतीय जनता पार्टी से मांग की थी.
वहीं, कांग्रेस मीडिया चेयरपर्सन अर्चना शर्मा ने कहा है कि कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है. कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया था इस पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी की पारदर्शिता और चरित्र जनता के सामने आ गया है.





