गौरी लंकेश के लिए BJP MLA ने कहा RSS के खिलाफ नहीं लिखतीं तो शायद आज…

बेंगलुरु.पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को लेकर कर्नाटक के बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री डीएन जीवराज ने शुक्रवार को बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा, ”अगर गौरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोगों की मौत पर जश्न के बारे में नहीं लिखतीं तो शायद जिंदा होतीं। कांग्रेस राज में कोई सुरक्षित नहीं है।” जीवराज श्रृंगेरी सीट से विधायक है। उधर, मर्डर को लेकर बीजेपी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने पर पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बता दें कि 5 सितंबर को कन्नड़ पत्रकार गौरी की अज्ञात हमलावरों ने घर में गोलियां मार कर हत्या कर दी थी। इस मामले को लेकर लेफ्ट और कांग्रेस बीजेपी-आरएसएस को आड़े हाथों ले रही हैं।
गौरी लंकेश के लिए BJP MLA ने कहा RSS के खिलाफ नहीं लिखतीं तो शायद आज...

कांग्रेस राज में संघ कार्यकर्ताओं को मरते देखा…

– जीवराज ने चिकमंगलुरु में बीजेपी वर्कर्स की बैठक में कहा, ”कुछ दिन पहले गौरी ने एक आर्टिकल लिखा, जो ‘डेथ ऑफ द आरएसएस’ टाइटल से पब्लिश हुआ था। गौरी ने आर्टिकल में संघ कार्यकर्ता के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल किया। उनकी मौत के पीछे ये भी एक वजह हो सकती है। वो जिस तरह लिखती थीं, बर्दाश्त के बाहर था।”
– ”कांग्रेस की सरकार में 11 संघ कार्यकर्ता मार दिए गए, लेकिन सीएम सिद्धारमैया ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। हमने कांग्रेस राज में संघ के लोगों को मरते देखा है। गौरी इन सब मामलों पर लिखती थीं। लेकिन उन्होंने संघ के लिए गलत लिखा। मैं उन्हें बहन की तरह सम्मान देता हूं।”

– जीवराज के इस बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया है। कुछ लोगों ने उनके खिलाफ पुलिस के पास शिकायत भी दर्ज कराई है।

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BJP-संघ के खिलाफ बोलने पर मार दिया जाता है: राहुल

– गौरी की हत्या पर राहुल गांधी ने कहा था, “कोई भी जो बीजेपी-आरएसएस की आइडियोलॉजी के खिलाफ बोलता है, उस पर दबाव डाला जाता है, पीटा जाता है, उस पर हमला किया जाता है और मार भी दिया जाता है। इसका मकसद ये है कि इस देश में केवल एक आवाज रहे और दूसरी कोई आवाज ना उठे। लेकिन, ये इस देश का चरित्र नहीं है। इनकी पूरी आइडियोलॉजी ही आवाजों को दबाना है। मैंने सीएम से बात की और उनसे कहा कि जिन लोगों ने ये काम किया है, उन्हें सजा दी जानी चाहिए।”
– “कभी-कभी पीएम को लगता है कि दबाव बहुत ज्यादा हो गया तो मैं कुछ कह देता हूं। लेकिन, मकसद आवाजों को दबाना ही है। ये एक बहुत सीरियस प्रॉब्लम में बदलता जा रहा है। अहिंसा इस देश का इतिहास है, हमारे सभी धर्मों का इतिहास है। कोई भी शख्स हो, लेकिन हत्या को जस्टीफाई नहीं किया जा सकता है। प्रधानमंत्री जी बहुत स्किल्ड हिंदुत्ववादी पॉलिटीशियन हैं। उनके शब्दों में दो अर्थ होते हैं। उनके बेस के लिए एक मतलब होता है और बाकी दुनिया के लिए एक मतलब होता है।”

कौन थीं गौरी लंकेश?

– गौरी (55 साल) वीकली टैबलॉइड ‘गौरी लंकेश पत्रिके’ की एडिटर थीं। यह टैबलॉइड एडवर्टिजमेंट नहीं छापता था। इसे 50 लोगों का ग्रुप चलाता था। इस टैबलॉइड के जरिए गौरी लगातार कम्युनल पॉलिटिक्स और कास्ट सिस्टम के खिलाफ लिखती थीं। वे राइट विंग और हिंदुत्व पॉलिटिक्स की भी विरोधी थीं।
– गौरी के पिता पी. लंकेश अवॉर्ड विनर फिल्ममेकर, कवि और जर्नलिस्ट थे। उन्होंने 1980 में लंकेश पत्रिके शुरू की थी। गौरी के परिवार में बहन कविता, भाई इंद्रेश और मां हैं। कविता नेशनल फिल्म अवॉर्ड विनर हैं।
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