राजस्थान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान जारी

जयपुर। राजस्थान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच खींचतान और अधिक बढ़ गई है। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा तय किए गए केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को स्वीकारने  के लिए मुख्यमंत्री खेमा बिल्कुल तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री खेमे ने केन्द्रीय नेतृत्व तक शेखावत को जाट विरोध बताने के कई प्रमाण उपलब्ध कराए हैं।राजस्थान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान जारी

मंगलवार को जाट समाज के एक दर्जन से अधिक नेता दिल्ली पहुंच गए,इनमें शेखावत के संसदीय क्षेत्र जोधपुर के लोग शामिल है। इन नेताओं ने भाजपा के संगठन महामंत्री रामलाल सहित अन्य नेताओं से मुलाकात की। इससे पहले केन्द्रीय मंत्री सी.आर.चौधरी,प्रदेश के सिंचाई मंत्री डॉ.रामप्रताप,सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ,पर्यटन मंत्री कृष्णेन्द् कौर दीपा सहित कई जाट नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और रामलाल से मिलकर शेखावत के खिलाफ ऐसे कई तर्क पेश किए,जिनसे कि उनको अध्यक्ष बनाए जाने से रोका जा सके। ये सभी नेता वसुंधरा राजे के खास माने जाते हैं।

वसुंधरा समर्थक जाट मंत्री,विधायक और पार्टी पदाधिकारी पिछले तीन दिन से दिल्ली में जमे है,वहीं मंगलवार को जाट समाज के प्रतिष्ठित लोगों को दिल्ली भेजा गया है। इन लोगों ने संगठन महामंत्री रामलाल और सह संगठन मंत्री वी.सतीश के समक्ष अपनी बात रखी। वसुंधरा खेमे ने जातिय आधार पर नेताओं को दिल्ली भेजा है। इनमें राजपूत समाज के कई नेता भी शामिल है। प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़,वन मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर,उधोग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत,विधायक बाबू सिंह राठौड़ सहित एक दर्जन मंत्री और विधायक शामिल है। राजपूत समाज के ये सभी नेता केन्द्रीय नेतृत्व को यह समझाने में जुटे हैं कि शेखावत का राजपूत समाज में कोई बड़ा प्रभाव नहीं है।

मंगलवार को राजपूत समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों को दिल्ली भेजा गया है। वसुंधरा के सबसे विश्वस्त प्रदेश के परिवहन मंत्री युनूस खान दिल्ली में बैठकर पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैँ। मुख्यमंत्री से टेलिफोन पर बात कर वे लगातार नये-नये कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री के विश्वस्त एक मंत्री ने बताया कि दिल्ली में केन्द्रीय नेताओं से मुलाकात कर रहे राज्य के मंत्रियों,विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया कि यदि शेखावत के अतिरिक्त किसी अन्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है तो वसुंधरा खेमा खुशी के साथ स्वीकार करेगा।

वसुंधरा खेमे ने ब्राहम्ण नेता के तौर पर प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी,राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया और वैश्य समाज के तौर पर सांसद ओम बिड़ला का नाम केन्द्रीय नेतृत्व के समक्ष पेश किया है। हालांकि बिड़ला वसुंधरा विरोधी खेमे में माने जाते हैं,लेकिन बीच का रास्ता निकालने के लिए मुख्यमंत्री खेमा उन्हे अध्यक्ष के रूप में स्वीकारने को भी तैयार है। 

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