BJP का 2019 के लिए 360+ सीटों का टारगेट, कैबिनेट में हो सकता है फेरबदल…

नई दिल्ली. बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए अभी से टारगेट तय कर लिया है। अमित शाह ने 360+ सीटें लाने का लक्ष्य नेताओं को दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाह ने बीजेपी हेडक्वार्टर्स में तीन घंटे तक 30 से ज्यादा नेताओं के साथ बैठक कर इस बारे में चर्चा की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी प्रेसिडेंट ने केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी नेताओं से उन सीटों पर खासतौर पर फोकस करने को कहा, जहां बीजेपी को पिछले चुनाव के दौरान हार मिली थी। बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अकेले के दम पर मेजॉरिटी हासिल कर 282 सीटें जीती थीं। इस बीच, एक न्यूज एजेंसी की खबर में कहा गया है कि इसी महीने में कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है।
पार्टी किन राज्यों में करेगी फोकस…
शाह से मिले 9 मंत्री
– न्यूज एजेंसी यूएनआई के मुताबिक, मंत्रियों ने शाह से यह मुलाकात ऐसे वक्त की है, जब इसी महीने में कैबिनेट में फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
– शाह से मुलाकात करने वाले मंत्रियों में रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावडेकर, धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, जेपी नड्डा, नरेंद्र सिंह तोमर, निर्मला सीतारमण, मनोज सिन्हा और अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे।
– बता दें कि अनिल माधव दवे के निधन, मनोहर पर्रिकर के सीएम के तौर पर गोवा में लौटने और वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में कुछ पद खाली हैं। अरुण जेटली जैसे कुछ मंत्रियों पर एक से ज्यादा मंत्रालयों का चार्ज है।
2014 के लोकसभा चुनाव में ये थे नतीजे
| पार्टी | सीटें | वोट शेयर |
| BJP | 282 | 31.3% |
| CONG | 44 | 19.5% |
| AIADMK | 37 | 3.3% |
| TRINMOOL | 34 | 3.9% |
| BJD | 20 | 1.7% |
देश में अभी क्या है बीजेपी की स्थिति
– बीजेपी को 2014 में लोकसभा चुनाव में 282 सीटें मिली थीं। सबसे ज्यादा 71 सीटें यूपी से मिली थीं, जहां इसी साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद उसी की सरकार है।
– जेडीयू के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाने के बाद अब बीजेपी देश की 67% आबादी और 58% इकोनॉमी पर शासन कर रही है, ऐसा मुकाम पहली बार हासिल किया है।
– बीजेपी देश के प्रमुख राज्यों में आगे बढ़ रही है। उसकी अलायंस पार्टियां 12 में से 7 राज्यों में सत्ता में हैं।
– राष्ट्रपति चुनाव में भी दोनों पार्टियों ने एनडीए के कैंडिडेट रामनाथ कोविंद के पक्ष में ही वोट डाले थे।
– 130 साल पुरानी कांग्रेस के पास केवल एक बड़ा स्टेट कर्नाटक बचा हुआ है। लेकिन, यहां भी बीएस येदियुरप्पा की लीडरशिप में बीजेपी 2018 में मजबूत पोजिशन बनाने के लिए ओवरटाइम कर रही है। जिन राज्योें में नॉन-बीजेपी और कांग्रेस की सरकार है, उनमें केरल और प. बंगाल ही अहम हैं।
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अमित शाह ने तीन साल में कैसे पार्टी को आगे बढ़ाया?
– अमित शाह ने तीन साल में देश के हर राज्य का दौरा किया। ज्यादातर सफर सड़क से किया। औसतन रोज 541 km का सफर किया। तीन साल में 500 से ज्यादा रैलियां कीं। देशभर में 110 दिनों का सघन प्रवास करने वाले बीजेपी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने।
– जनसंवाद नाम से कार्यक्रम शुरू किया। अब कोई भी वर्कर पार्टी नेताओं से बिना अपॉइंटमेंट लिए मिल सकता है।
– 8 लाख से अधिक वर्कर्स को घर के पास स्थित ब्लॉक, जिले में ट्रेनिंग की सुविधा दी। इससे बूथ लेवल तक डेडीकेटेड वर्कर मिलने शुरू हो गए।
– आरएसएस की तर्ज पर फुल टाइम वर्कर्स का कॉन्सेप्ट लेकर आए। इसके तहत 4 लाख वर्कर्स शामिल किए गए।
– इन 4 लाख वर्कर्स ने 15 दिन, 6 महीने और एक साल के लिए घर से दूर रहकर अनजान जगहों पर पार्टी के लिए दिन-रात काम करने का फैसला किया।
– “कहीं रात को रुकना पड़े तो होटल के बजाय शोषित या वंचित वर्ग के वर्कर के घर ही रुकें नेता।”
– “देश के हर हिस्से में वर्कर्स के लिए घरों के पास ही ट्रेनिंग कैम्प ऑर्गनाइज किए गए, ताकि समय का सही इस्तेमाल हो।”





