ब्वॉयज लॉकर रूम ग्रुप को लेकर सामने आई बड़ी सच्चाई, अश्लील चैट का हुआ खुलासा…

पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में सबसे ज्यादा चर्चित खबरों में शुमार ब्वॉयज लॉकर रूम अश्लील चैट मामले का खुलासा हो चुका है और सारी सच्चाई सामने आ चुकी है। इस बीच पिछले सोमवार की तरह यह मामला फिर ट्वीटर पर Boys Locker Room Truth नाम से टॉप ट्रेंड में बना हुआ है। इतना ही नहीं, इस मामले लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस मामले में टिप्पणी करने के दौरान केस के असली दोषी को सजा देने की मांग कर रहे हैं

बता दें कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने एक सप्ताह की मैराथन जांच के बाद इस मामले में कई सनसनीखेज खुलासे किए सबसे बड़ा खुलासा तो यह किया कि एक लड़की ने सिद्धार्थ नाम से फेक प्रोफाइल बनाकर इस ग्रुप में लड़कों के बीच एंट्री की थी और उसने लड़कों के मन को जांचने के लिए अपने सामूहिक दुष्कर्म का जिक्र किया था। इसके बाद ऐसे कमेंट और प्रतिक्रिया आई कि लोग भी हैरान रह गए। 

वहीं जिस लड़की ने लड़का बनकर फर्जी एकाउंट बनाया और उसने अपने पुरुष मित्र से लड़का बनकर स्नैप चैट पर लड़की के बारे में गंदी गंदी बातें कर उसकी मंशा जानने की कोशिश की। साइबर सेल उस लड़की को आरोपित नहीं बनाएगी। इस मामले में डीसीपी अन्येष रॉय का कहना है कि लड़की कही मंशा गलत नहीं थी। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम से ब्वॉयज लॉकर रूम के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गई है। पुलिस को रिपोर्ट आने का इंजतार है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यहां पर बता दें कि ब्वॉयज लॉकर रूम अश्लील चैट का मामला रविवार यानी 3 मई को सामने आया था। सोशल मीडिया के जरिये दिल्ली पुलिस साइबर सेल को जानकारी मिली थी कि इंस्टाग्राम ब्वॉयज लॉकर रूप पर कुछ लड़के अश्लील चैट कर रहे हैं। इस चैट में वे लड़कियों के बारे में अश्लील बातें कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इस ग्रुप पर अश्लील तस्वीरें भी डाली गई थीं।

मामला सामने आने पर दिल्ली पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी थी।    जांच में पता चला था कि इस ग्रुप में 27 लड़के हैं, जिनमें कुछ बालिग तो ज्यादातर नाबालिग हैं। वहीं, 4 मई को 10वीं के एक छात्र को पकड़कर पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच की तो सारा मामला समझ में आ गया, क्योंक इस छात्र ने चैट डिलीट कर दिया था। सख्ती करने पर इस लड़के ने ग्रुप को लेकर कई अहम जानकारी पुलिस को दे दी थी। 

पुलिस ने कार्रवाई की कड़ी में 5 मई को नोएडा से एक बालिग छात्र को गिरफ्तार कर लिया था। इस छात्र पर आरोप है कि इसी ने ग्रुप बनाया था और कई बालिग और नाबालिग लड़कों को इसमें जोड़ा था। ग्रुप एडमिन होने के नाते इस लड़के ने अन्य कई छात्रों को ग्रुप एडमिन बना दिया था। 15 छात्रों के मोबाइल जब्त कर जांच के लिए फोरें¨सक लैब में भेज दिया। रिपोर्ट अभी नहीं आई है। 

बताया जा रहा है कि ग्रुप में शामिल छात्रों की आपसी फूट के चलते मामला सामने आया था। यह चेन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि इस ग्रुप में गुरुग्राम और नोएडा के भी छात्र शामिल थे। इतना ही नहीं, ज्यादातर छात्र तो दक्षिण दिल्ली के नामी स्कूल में पढ़ाई करते हैं।

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