बड़ा झटका: अब नहीं निकाल पाएंगे अपने PF का पैसा, जानिए क्यों?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का पोर्टल हैक होने की खबरें आई थीं. लेकिन, EPFO इस बात से इनकार कर रहा है कि उसका पोर्टल हैक नहीं हुआ. फिर भी सतर्कता के तौर पर कुछ सेवाएं बंद की गई हैं. हालांकि, EPFO का यह तर्क समझ से बाहर है क्योंकि, उसका सर्वर पूरी तरह बंद है. तमाम ऑनलाइन सेवाएं बंद हो चुकी हैं. ऐसे में नौकरीपेशा के लिए सबसे बड़ी टेंशन है. खासकर उन लोगों के लिए जो किसी जरूरी काम के लिए पैसा निकालना चाहते हैं. क्योंकि अब वह अपने पीएफ खाते से पैसा नहीं निकाल पाएंगे. इसके पीछे एक बड़ी वजह है.

12 दिन से बंद है सर्वर
EPFO का सर्वर पिछले 12 दिन यानी 22 अप्रैल से बंद है. इस दौरान कोई अपडेशन का काम नहीं हो रहा है. किसी भी तरह की ऑनलाइन सर्विस बंद हैं. डाटा लीक होने की खबर मिलते ही सर्वर को बंद कर दिया गया था. लेकिन, सामने आने पर EPFO ने सफाई जारी की कि कोई डाटा लीक नहीं हुआ है. सभी खाताधारकों का डाटा सुरक्षित है. लेकिन, सवाल यह उठता है कि अगर डाटा लीक की खबरें गलत हैं तो सर्वर क्यों बंद किया गया है. साथ ही तमाम सेवाओं पर रोक क्यों है.
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नहीं निकाल सकेंगे पैसा
अगर आप अपने पीएफ का पैसा निकालने की कोशिश कर रहे हैं या फिर पहले से अप्लाई किया है तो फिलहाल आप ऐसा नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा ट्रांसफर का विकल्प भी फिलहाल मौजूद नहीं है. सेंट्रल पीएफ कार्यालय से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, सर्वर को इसलिए बंद किया गया है क्योंकि, जो अफवाह फैली है उसकी जांच हो रही है. इसके अलावा आईटी के लोग यह भी जांच कर रहे हैं कि सिस्टम में कोई गड़बड़ या छेड़छाड़ तो नहीं की गई है. फिलहाल, अपडेशन का काम किया जा रहा है. इस दौरान लोगों के काम में देरी हो सकती है.
बैलेंस भी चेक नहीं कर पाएंगे
पीएफ से जुड़ी ज्यादातर सर्विस अब ऑनलाइन हैं. इनमें बैलेंस की जानकारी भी मेंबर पासबुक के जरिए हासिल की जा सकती है. लेकिन, सर्वर डाउन होने से कंपनी की वेबसाइट भी नहीं खुल रही है. दूसरी तरफ मिस्ड कॉल सर्विस से भी कोई रिस्पॉन्स नहीं है. वहीं, एसएमएस या फिर मोबाइल ऐप के जरिए भी कोई जानकारी नहीं मिल रही है. मोबाइल ऐप पर भी पुरानी जानकारी मिल रही है.
ऑनलाइन निकलते है पैसा
पीएफ का पैसा निकालने के लिए भी ऑनलाइन प्रक्रिया का इस्तेमाल ज्यादा होता है. क्योंकि, सरकार इसे पेपरलैस करने की प्लानिंग कर रही है. ऐसे में लोगों को भी ईपीएफओ का कार्यालय और नौकरी छोड़ने के बाद कंपनी के चक्कर नहीं काटने होंगे. इसके लिए यूजर्स के पास यूएएन नंबर यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर होना जरूरी है. यूएएन की मदद से ईपीएफ के फॉर्म 19 भरकर आप पैसा निकालने के लिए आवेदन कर सकते हैं. एक निश्चित हिस्सा निकालने के लिए फॉर्म 31 को भरना होगा.
डाटा चोरी का कैसे पता चले
अगर आपका डाटा चोरी हुआ है तो यह कैसा पता चलेगा कि आपका डाटा सुरक्षित है या नहीं. क्योंकि, ईपीएफओ के पास पहले से ऐसा कोई मैकेनिज्म मौजूद नहीं है. हालांकि, EPFO के मुताबिक, उसके डाटा सेंटर में सब सुरक्षित है. आपको बता दें दिल्ली के द्वारका और हैदराबाद के सिकंदराबाद में EPFO के नेशनल डाटा सेंटर हैं.





