भागलपुर हिंसा: 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए अर्जित शाश्वत

बिहार के भागलपुर जिले में हुई हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को एसीजेएम कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस पर अर्जित के वकील का कहना है कि हम इस दौरान बेल के लिए अर्जी देंगे। हमें पूरी उम्मीद है उसे बेल मिल जाएगा। अर्जित शाश्वत ने शनिवार देर रात पटना के महावीर मंदिर के पास पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था।

क्या है पूरा मामला ?

– 17 मार्च को हिंदू नववर्ष की शोभा यात्रा के दौरान भागलपुर के चंपानगर में दो पक्षों के बीच रोड़ेबाजी, आगजनी, फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना में पुलिस जवान समेत कई लोग घायल हो गए थे।

– मामले में एएसआई हरिकिशोर सिंह ने अर्जित समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अरेस्ट वारंट के लिए कोर्ट पहुंची पुलिस को अदालत ने अधूरा बताते हुए लौटा दिया था। उस समय पुलिस ने सिर्फ अर्जित पर ही वारंट की अर्जी लगाई थी। जिस पर कोर्ट ने एतराज जताते हुए कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ अर्जी क्यों नहीं डाली गई?

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– 24 मार्च को एसीजेएम कोर्ट ने अर्जित समेत सभी नौ आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद अर्जित शाश्वत और 8 अन्य आरोपियों ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।

अब आगे क्या?

अर्जित शाश्वत बेल के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकेंगे। यहां से राहत नहीं मिलने पर वे जिला अदालत में अर्ज़ी डालेंगे। अगर यहां भी राहत नहीं मिलती है तो वे हाईकोर्ट का रुख ले सकते हैं। इन प्रक्रियाओं को वो एक हफ्ते में पूरी कर सकते हैं, ताकि केस जल्दी हाईकोर्ट में पहुंचे और जल्द जमानत मिल जाए।

कब-क्या हुआ?

17 मार्च 2018: भारतीय नववर्ष समिति के बैनर तले नववर्ष जागरण शोभायात्रा का नेतृत्व करने के आरोप में नाथनगर थाने के एएसआई हरिकिशोर सिंह ने आठ अन्य के साथ आरोपियों बनाते हुए केस दर्ज किया।

21 मार्च 2018 : अर्जित के खिलाफ अरेस्ट वारंट के लिए कोर्ट पहुंची नाथनगर थानेदार को वारंट प्रपत्र अधूरा बताते हुए अदालत ने लौटा दिया था। उस समय पुलिस ने सिर्फ अर्जित पर ही वारंट की अर्जी लगाई थी। जिस पर कोर्ट ने एतराज जताते हुए कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ अर्जी क्यों नहीं डाली? 
22 मार्च 2018 : अदालत के आदेश के बाद नाथनगर थानेदार ने सभी आरोपियों के खिलाफ वारंट की अर्जी लगाई लेकिन केस डायरी साथ में नहीं लगाया। जिस पर कोर्ट ने अर्जी वापस कर दी। 
23 मार्च 2018 : जुलूस में आपत्तिजनक गाना बजाने वाले डीजे संचालक बबलू मंडल व सुखराज हाईस्कूल में बमबाजी मामले में अफवाह फैलाने वाले जानिसार अख्तर उर्फ टिंकू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 
24 मार्च 2018 : एसीजेएम कोर्ट ने अर्जित समेत सभी नौ आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। 
26 मार्च 2018 : अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद अर्जित शाश्वत ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल किया। 
27 मार्च 2018 : अग्रिम जमानत अर्जी पर बहस के बाद कोर्ट ने पुलिस से केस डायरी की मांग की। 
28 मार्च 2018 : अर्जित के साथ बवाल मामले के अन्य 8 आरोपियों ने भी अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की।

31 मार्च 2018 : भागलपुर कोर्ट ने अर्जित शाश्वत की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

31 मार्च 2018 : शनिवार देर रात करीब 12 बजे अर्जित ने पटना में सरेंडर कर दिया।

1 अप्रैल 2018 : सीजेएम कोर्ट ने अर्जित को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा।

 
 
 

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