बठिंडा पुलिस को गैंगस्टरों ने फेसबुक पर दी चेतावनी

यह है पोस्ट मेंकरीब अठारह घंटे पहले शेरा खुब्बन ग्रुप के नाम से बनी फेसबुक आईडी पर पोस्ट डाली गई है कि हमारे सभी मित्रों को प्यार भरी सति श्री अकाल। आज तुम सब को पता ही है कि बठिंडा पुलिस ने दो गैंगस्टर मन्ना और प्रदीप को फेक एनकाउंटर में मारा है, जो 307 के केस में भगोड़े थे। इससे पहले भी पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर किए हैं।
इसके बाद गैंगस्टर शेरा खुब्बन व दविंदर बंबीहा का नाम लिखा गया है। इसके बाद लिखा है कि हैरानी की बात तो यह है कि मरने वालों ने जवाबी फायरिंग की थी तो पुलिस वालों को गोली क्यों नहीं लगी। इसी तरह के पुलिस अफसरों के कारण सरकार घटिया कहलाती है। पोस्ट में सवाल उठाया है कि कहीं और गैंगस्टरों के साथ मुकाबला होता है तो वह जिंदा गिरफ्तार किए जाते। अकेले बठिंडा पुलिस को ही ज्यादा चर्बी चढ़ी है। उसने लिखा कि कंधों पर स्टार बढ़ाने के लिए पंजाब पुलिस उल्टे काम कर रही है।
महिला नेता को पीटने वालों को ठिकाने लगाने निकले थे
वहीं सूत्रों से पता चला है कि शुक्रवार को जिन पांच गैंगस्टरों के साथ पुलिस का मुकाबला हुआ था वो बठिंडा से चंडीगढ़ के लिए निकले थे। उनका मकसद चंडीगढ़ पहुंचने से पहले बरनाला की अकाली महिला नेता को पीटने के आरोपी मां-बेटे को ठिकाने लगाने का था। हालांकि इस संबंध में कोई भी पुलिस अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहा। सिर्फ जांच दावा कर रहे हैं।
जिंदा पकडे़ गैंगस्टर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर
एनकाउंटर के दौरान पुलिस की ओर से जिंदा पकडे गए दो गैंगस्टर हरबिंदर सिंह भिंदा और गुरविंदर सिंह गिंदा को शनिवार पुलिस ने स्थानीय अदालत में पेश किया । जहां पर अदालत ने सरकारी वकील की दलीलों से सहमत होते हुए आरोपियों को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपियों से काफी कुछ पूछताछ करना है और उनसे लूटा हुआ समान भी बरामद करना है। इस के अलावा पंजाब के मोस्ट वांटेंड गैंगस्टर विक्की गौंडर के बारे में पता लगवाना है।
मेरे बेटा गैंगस्टर नहीं था
एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर मनप्रीत सिंह मन्ना की मां जसविंदर कौर भी शनिवार को सिविल अस्पताल में पहुंची और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने अपनी तरक्की के लिए उसके बेटे को मार गिराया। उसके बेटे की लाश को सीढ़ी बनाकर पुलिस वाले आगे बढ़ना चाहते है। उसने कहा कि मेरे बेटे पर छोटे मोटे केस जरूर दर्ज थे, लेकिन वो इतना बढ़ा गैंगस्टर नही था जितना पुलिस ने कागजों में बना दिया।





