गुजरात के मैदानों से लेकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों तक पर मूसलाधार बारिश से बुरा हाल

गुजरात के मैदानों से लेकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों तक पर मूसलाधार बारिश से बुरा हाल है. गुजरात में सड़कों पर सैलाब का मंजर है, घर-मकान बाढ़ (Flood) के पानी में डूब गए हैं. वहीं, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से दर्जनों रास्ते और हाइवे बंद हो चुके हैं.

गुजरात में हो रही बारिश का सबसे ज्यादा असर सौराष्ट्र इलाके में है. जिसमें जामनगर, पोरबंदर, राजकोट और जूनागढ़ जिले का हाल बेहाल है. गुजरात का सौराष्ट्र एक ऐसा इलाका है, जहां आमतौर पर कम बारिश होती है. लेकिन इस बार सितंबर के महीने में गुजरात के सौराष्ट्र में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है.

सौराष्ट्र के जामनगर, जूनागढ़, पोरबंदर में बीते 2 दिन में इतनी बारिश हुई कि बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. गुजरात में सितंबर के पहले 15 दिनों में पिछले महीने के मुकाबले तकरीबन 4 गुना बारिश हो चुकी है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक गुजरात में पिछले महीने 65.3 मिली मीटर बारिश हुई थी जबकि सितंबर के आधे महीने में ही 219.2 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है.

कई गांवों का संपर्क टूटा, नेशनल हाइवे बंद

गुजरात के जूनागढ़ में मूसलाधार बारिश से नदियों और नालों में उफान आ गया है. जूनागढ़ के हसनापुर, आनंदपुर, विलिंगडन, ओजात, व्रजमी, ध्राफद जैसे बड़े डैम ओवरफ्लो हैं. डैम से पानी छूटने पर नेशनल हाइवे पानी-पानी हो गया है. साथ ही कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है. हाइवे पर पानी भर जाने की वजह से जूनागढ़ पोरबंदर और गिर सोमनाथ से जुड़ने वाले सभी नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे बंद कर दिए गए हैं. भारी बारिश के चलते गिरनार रोपवे भी बंध कर दिया गया है.

अभी राहत की उम्मीद कम

गुजरात के सौराष्ट्र में ये हालात आगे भी बने रह सकते हैं. जिसे देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी किया है. पूर्वानुमान के मुताबिक अभी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. वहीं, गुजरात के नए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. सीएम ने स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत कार्य को तेज करने का निर्देश दिया है.

उत्तराखंड में उफान पर नदियां-नाले

उत्तराखंड के अधिकतर इलाके भारी बारिश से बेहाल हैं. चमोली का पागल नाला एक बार फिर उफान पर है. वहीं, भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. हाल ये है कि बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 58 बंद कर दिया गया है. बारिश से राहत नहीं मिलने के कारण रास्ते से मलवा हटाने का काम भी स्लो है.

भूस्खलन के कारण हाईवे बंद

रुद्रप्रयाग में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है. केदारनाथ हाईवे से लेकर बद्रीनाथ हाइवे तक जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है. जिसकी वजह से हाइवे को बंद करना पड़ रहा है. इसके अलावा रुद्रप्रयाग के ग्रामीण इलाकों की सड़कों का भी बारिश और भूस्खलन से बुरा हाल है. सड़कों पर जगह-जगह मलबा आ गया है.

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश भी लैंडस्लाइड की मार झेल रहा है. किन्नौर में पहाड़ से नेशनल हाइवे पर बड़ी चट्टानें टूटकर आ गिरी हैं. इसके बाद किन्नौर और स्पीति के लिए ट्रैफिक बंद किया गया. सड़कों पर मलबा आने की वजह से रास्ते बंद करने पड़े हैं.

News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

fifteen + eighteen =

Back to top button