अब अन्ना हजारे फिर करेंगे आन्दोलन, मोदी सरकार के मंसूबों पर पानी फेरने के लिए कसी कमर

साल 2011 में अन्ना हजारे ने लोकपाल बिल को लेकर और देश से भ्रष्टाचार को खत्म करने को लेकर दिल्ली में आंदोलन किया था। उनके साथ कई लोग और भी थे जो आजकल तितर-बितर हो गए है। उनके साथ वाले केजरीवाल आजकल दिल्ली संभाल रहे हैं। अन्ना ने आंदोलन तो छोड़ दिया लेकिन अब अन्ना एक और नया आंदोलन करने जा रहे हैं।
# मोदीजी के खिलाफ होगा आंदोलन
समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने नरेंद्र मोदी सरकार पर वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर दिल्ली के रामलीला मैदान पर एक बार फिर विरोध प्रदर्शन के लिए उतरने की बात कही है। अन्ना हज़ारे ने कहा कि वर्तमान सरकार ने लोगों से वादा किया था कि वो भ्रष्टाचार मुक्त भारत देंगे, लेकिन तीन सालों में उन्होंने लोकपाल के लिए कुछ नहीं किया।
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# सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त करने का वादा किया था
अन्ना ने कहा, “लोगों को अपेक्षा थी और इस सरकार ने यह वादा भी किया था कि वो हमें भ्रष्टाचार मुक्त भारत देंगे, लेकिन तीन साल बीत गए कुछ नहीं हुआ. पहले कांग्रेस सरकार ने हमें अप्रभावी क़ानून दिया और अब तीन साल बाद मोदी सरकार ने भी लोकपाल को कोई शक्ति नहीं दी.“
# इतने साल चुप क्यों थे अन्ना
जब अन्ना से पूछा गया कि वे इतने सालों से चुप क्यों थे तो उन्होंने कहा कि, ‘‘हमने नई सरकार के आने के बाद उसे कुछ समय दिया। कांग्रेस कई वर्षों तक सत्ता में रही लेकिन ये लोग (भाजपा) सत्ता में नए थे इसलिए उन्हें कुछ समय देना था। यदि हमने नई सरकार के शपथ लेने के तुरंत बाद विरोध शुरू कर दिया होता तो लोग कहते कि यह उचित नहीं है। यही कारण है कि मैं तीन सालों तक इंतज़ार कर रहा था। मैं इस सरकार को लगातार इसकी याद दिलाती हुई चिट्ठियां लिखता रहा। अब जब मुझे पता चला कि सरकार की कुछ भी करने में रुचि नहीं है तो फ़िर मैंने इस आंदोलन को दोबारा शुरू करने का फ़ैसला किया है।“
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# गोमांस और प्रतिबंध पर एक्शन क्यों नहीं लेते मोदी
जब अन्ना से गोमांस प्रतिबंध और इसके बाद देश के विभिन्न इलाकों में हुई हिंसा में लोगों के मारे जाने और इस पर प्रधानमंत्री के सार्वजनिक रूप से यह कहने कि “आस्था के नाम पर हिंसा अस्वीकार्य नहीं है“ पर उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई तो उन्होंने कहा, “यदि प्रधानमंत्री यह महसूस करते हैं तो वो इसके ख़लिफ़ कार्रवाई क्यों नहीं करते? वो इस देश के प्रधानमंत्री हैं और आप उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं करते क्योंकि वो सभी आपके लोग हैं.“
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# मोदी से अच्छा फड़नवीस का काम
जब अन्ना से पूछा गया था कि 2015 में उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के काम को नरेंद्र मोदी के काम से बेहतर बताया तो उन्होंने कहा, “मैं राजनीतिक दलों के संदर्भ में कभी नहीं सोचता, मैं व्यक्तित्वों को देखता हूं. मेरे लिए फडणवीस का काम नरेंद्र मोदी के काम से एक कदम आगे है क्योंकि फडणवीस गैर-भ्रष्ट हैं.“





