उत्तराखंड सदैव अटल बिहारी वाजपेयी का आभारी रहेगा: CM रावत

देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने ही उत्तराखंड राज्य के गठन को मंजूरी दी थी। उत्तराखंड से विशेष लगाव होने के नाते उत्तराखंड की जनता उनकी सदैव आभारी रहेगी।उत्तराखंड सदैव अटल बिहारी वाजपेयी का आभारी रहेगा: CM रावत

 गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने शोक संदेश में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा है। वह मसूरी, देहरादून व नैनीताल आते रहते थे। उन्होंने न केवल अलग राज्य का निर्माण किया बल्कि विशेष राज्य का दर्जा भी दिया। उत्तरकाशी की सुरक्षा एवं गंगोत्री आने वाले तीर्थ यात्रियों व पर्यटकों की सुविधा के अलावा वरुणावत पर्वत भूस्खलन के उपचार के लिए विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारतीय राजनीति के पुरोधा थे, उनके विचार व आदर्श हमें सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। 

भाजपा प्रदेश कार्यालय में दी पुष्पांजलि

भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर पार्टी का ध्वज आधा झुकाया गया और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूर्व प्रधानमंत्री के नाजुक स्वास्थ्य की जानकारी मिलते ही प्रदेश कार्यालय में पदाधिकारी व कार्यकर्ता जमा होने शुरू हो गए थे। शाम को जैसे ही उनके निधन का समाचार आया पूरा वातावरण शोक मग्न हो गया। इसके बाद सभी ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। पुष्पांजलि देने वालों में उच्च शिक्षा व सहकारिता राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत, महामंत्री संगठन संजय कुमार, विधायक हरबंश कपूर, खजान दास, मुकेश कोली व प्रदेश मीडिया प्रमुख देवेंद्र भसीन आदि शामिल थे। 

इतिहास में एक महान युग का अंत हो गया

राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से भारत वर्ष के इतिहास में एक महान युग का अंत हो गया। उन्होंने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में स्थापित किया। भारत को आर्थिक, वैज्ञानिक और सामरिक शक्ति के रूप में पहचान दिलाई। वह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में लोकप्रिय नेता थे। वह भारत के इतिहास में एक दैदीप्यमान नक्षत्र के रूप में स्थापित रहेंगे। 

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। भारत के राजनीतिक इतिहास में उनका संपूर्ण व्यक्तित्व शिखर पुरुष के रूप में दर्ज है। उनकी पहचान एक कुशल राजनीतिज्ञ, प्रशासक, भाषाविद्, कवि, लेखक व पत्रकार के रूप में रही है। उन्होंने राजनीति को दलगत और स्वार्थ की वैचारिकता से अलग हटकर अपनाया और जिया। जीवन में आने वाली विषम परिस्थितियों और चुनौतियों को स्वीकार किया।

वाजपेयी का निधन देश के लिए एक अपूरणीय क्षति

सांसद गढ़वाल व पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड मेजर जनरल (सेनि) भुवन चंद्र खंडूड़ी का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनसे मेरा व्यक्तिगत रूप से जुड़ाव रहा है। स्वर्णिम चुतर्भुज योजना के तहत पूरे देश में सड़कों का जाल फैलाने का श्रेय अटल जी को ही है। देश को वह नई दिशा दे गए। वह बड़े-बड़े काम भी शांति से करते थे। उनकी अपनी एक अलग शैली थी। हम सभी लोगों को उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलना चाहिए। 

उत्तराखंड के लिए अटल जी हिमालय के पुत्र थे

सांसद हरिद्वार व पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड  डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का कहना है कि उत्तराखंड के लिए अटल जी हिमालय के पुत्र थे। उन्होंने हमें राज्य देने के साथ ही विशेष राज्य का दर्जा और औद्योगिक पैकेज भी दिया। उत्तराखंड आज जिस स्थान पर है वह अटल जी की वजह से है। उत्तराखंड पर उनकी विशेष कृपा रही। यह क्षति केवल भाजपा व देश की नहीं, पूरी मानवता की है। ऐसे व्यक्तित्व को पूरी दुनिया में ढूंढ पाना बहुत मुश्किल होगा। 

अटल बिहारी वाजपेयी मेरे आदर्श नेता रहे हैं

सांसद नैनीताल व पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड भगत सिंह कोश्यारी का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मेरे आदर्श नेता रहे हैं। वह एक महान जननेता, कुशल प्रशासक, विराट कवि हृदय और कार्यकर्ताओं की आंखों के तारे रहे हैं। उन्होंने हमें उत्तराखंड राज्य दिया, जिसका ऋण हम कभी नहीं चुका पाएंगे। वर्ष 1982 में राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते वे पिथौरागढ़ आए थे। उस समय ओलावृष्टि से ठंड के चलते उन्होंने बोलने से मना कर दिया था लेकिन मेरे आग्रह पर उन्होंने बेहतरीन भाषण से पहाड़वासियों को रोमांचित कर दिया।

इतिहास का एक अध्याय हो गया है समाप्त 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के न रहने से इतिहास का एक अध्याय समाप्त हो गया है लेकिन यह अध्याय स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उत्तराखंड हमेशा अटल जी के प्रति ऋणी रहेगा, उन्होंने अपने वायदे के अनुसार जहां उत्तराखंड का निर्माण किया वहीं राज्य के विकास के लिए आर्थिक पैकेज भी प्रदान किया जो राज्य के विकास का आधार बना। 

पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी विराट व्यक्तित्व के थे धनी

कैबिनेट मंत्री (उत्तराखंड) सतपाल महाराज का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी विराट व्यक्तित्व के धनी थे। उनके निधन से राष्ट्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने राजनीति में जो आदर्श स्थापित किए, वे सदियों तक आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन करते रहेंगे। वे उत्तराखंड निर्माण के लिए प्रतिबद्ध थे और सभी राज्यवासी उनके कृतज्ञ रहेंगे। वह एक पत्रकार, कवि और राजनेता होने के साथ-साथ विशाल हृदय के स्वामी थे और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करते थे। 

वाजपेयी ने भारत को एक नई दिशा दिखाई

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से देश व समाज को गहरी क्षति पहुंची है। वह एक कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ ही एक कवि, पत्रकार व लेखक भी थे। उन्होंने भारत को एक नई दिशा दिखाई। उनके नेतृत्व में भारत विश्व में एक परमाणु शक्ति बन कर उभरा था। उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा देकर उन्होंने लाखों लोगों के सपने को पूरा करने का काम किया है। उनकी पहचान  सर्वमान्य नेता के रूप में रही है। हमें उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

वाजपेयी का जाना एक युग का अंत है

कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से केवल भारत को ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को अपूरणीय क्षति हुई है। उनका जाना एक युग का अंत है। उनका महान व्यक्तित्व सौम्य शैली, राष्ट्रभक्ति, दूरदृष्टि, चुनौतियों से सामना करने की इच्छाशक्ति व उनके महान आदर्श सदैव हमें प्रेरणा देते रहेंगे। 

उत्तराखंडवासियों के साथ किए गए वादे को पूरा किया

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से संपूर्ण राष्ट्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके नेतृत्व में देश ने नई ऊंचाइयों को छुआ। भारत को आर्थिक और सामरिक रूप से मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है। अलग उत्तराखंड राज्य देकर उन्होंने लाखों उत्तराखंडवासियों के साथ किए गए वादे को पूरा किया। उनके व्यक्तित्व व शैली के उनके विरोधी भी कायल रहे हैं। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

वाजपेयी के विचार हमेशा हमें प्रेरणा देते रहेंगे 

कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि सहिष्णुता व मानवीय मूल्यों के प्रकाशपुंज अटल बिहारी वाजपेयी अब इस दुनिया में नहीं रहे, यह हृदय विदारक सत्य है। उन्हें और उनके साथ बिताए गए संसद व संसदीय कमेटियों में उन क्षणों को मैं हमेशा अपनी स्मृति में याद रखूंगा। वे जीवित अवस्था में भी प्रेरणा थे और आज उनका भौतिक शरीर हमारे बीच नहीं है मगर उनके विचार और विशेषकर उनकी उदार भावनाएं हमेशा हमें प्रेरणा देती रहेंगी। 

महामानव थे अटल बिहारी वाजपेयी

नेता प्रतिपक्ष उत्तराखंड डॉ इंदिरा हृदयेश का कहना है कि अटल बिहारी वाजपेयी महामानव थे। उन्होंने सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से काम नहीं किया। सभी लोगों का समान रूप से आदर करते थे। राज्य में एनडी तिवारी सरकार में उन्होंने उत्तराखंड की अपेक्षाओं को पूरा किया। प्रखर वक्ता और कवि हृदय वाजपेयी के मानवीय गुणों की तारीफ जितनी की जाए, कम है। उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

देश को हुई है बड़ी क्षति 

अध्यक्ष उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रीतम सिंह का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से देश को बड़ी क्षति हुई है। एक महान व्यक्तित्व को देश ने खो दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में और विपक्ष में रहते हुए, दोनों ही मौके पर हमेशा देश को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक तरीके से काम किया। इसलिए राजनीति में उनका नाम सम्मान से लिया जाता है। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

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