स्कूलों के छोटे से लेकर बड़े सभी स्टाफ का 3 हफ्ते में होगा वेरिफिकेशन…
नई दिल्ली. दिल्ली के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी सरकारी और निजी स्कूलों, प्ले स्कूल के नॉन टीचिंग स्टाफ (गार्ड, माली, ड्राइवर, कंडक्टर, इलेक्ट्रिशियन इत्यादि) का तीन हफ्ते में पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाएगा। सभी स्कूलों के हर कमरे में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। दिल्ली सरकार ने ये फैसला लिया है।

दिल्ली सरकार ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सोमवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी। इसमें दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, निजी स्कूलों-सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल्स और अन्य विशेषज्ञों को बुलाया गया था। यह भी कहा गया है कि स्कूल के कॉरिडोर, वाशरूम, लैब सहित सभी कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। हर स्कूल को सीसीटीवी कैमरे की स्थिति के बारे में प्रत्येक महीने दिल्ली सरकार को रिपोर्ट सौंपनी होगी।
…क्योंकि हकीकत ये है कि स्कूलों में न तो कैमरे ठीक हैं और न ग्रिल लगी हैं
गुड़गांव के मामले से चिंतित अभिभावक सोमवार को दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्थित रेयान पहुंचे और खुद सुरक्षा जांची। पाया कि कहीं कैमरे बंद पड़े हैं तो कहीं खिड़कियों पर ग्रिल ही नहीं थी।
मयूर विहार फेस 3: स्कूल के पास ही शराब का ठेका, घूमते हैं शराबी
सुबह जब परिजन मयूर विहार वाले स्कूल पर पहुंचे तो पाया कि कुछ दूरी पर ठेका था, जहां बड़ी संख्या में शराबी मौजूद रहते हैं। शिकायत के बाद स्कूल में आपात बैठक बुलाकर समाधान का आश्वासन दिया गया।
बसंतकुंज : बिना पूछे स्कूल में लोगों को आते-जाते देख भड़के अभिभावक
सुबह परिजन जब बसंतकुंज स्थित रेयान स्कूल पहुंचे तो पाया कि स्कूल में कोई भी बिना किसी रोक-टोक के जा सकता था और कैमरे भी खस्ताहाल थे। जिससे परिजन भड़क गए और पुलिस को शिकायत दी।
रोहिणी सेक्टर 25 : बस में स्कूल का कोई भी स्टाफ साथ नहीं चलता
रोहिणी में रेयान के बाहर प्रदर्शन की सूचना के बाद पुलिस पहुंची। पुलिस के समझाने पर परिजनों ने प्रदर्शन तो बंद कर दिया। परिजनों के अनुसार स्कूल में खिड़कियों पर ग्रिल नहीं है और बसों में स्टाफ साथ नहीं चलता।
सेक्टर-39, नोएडा : वेरिफिकेशन के बिना ही स्कूल में एंट्री कर रहे ड्राइवर
अभिभावक सोमवार सुबह 9 बजे स्कूल पहुंचे। इस दौरान ही स्कूल कैंपस में घुसे एक ड्राइवर से पैरेंट्स ने स्कूल का आईडी कार्ड मांगा तो वह नहीं दिखा पाया। इससे पैरेंट्स भड़क गए। बाद में प्रबंधन के आश्वासन पर वे शांत हुए।
सीपी और प्रधान गृहसचिव तलब
ताजा घटनाक्रम को देखते हुए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार के प्रधान गृह सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त को तलब किया। उपराज्यपाल ने सुरक्षा के लिए जिम्मेदार इन दोनों अधिकारियों से बच्चों की सुरक्षा जल्द एक प्रोटोकॉल बनाने के निर्देश दिए हैं। अभी तक दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली में कोई प्रोटोकॉल तय नहीं है।
उपराज्यपाल ने प्रधान गृह सचिव और पुलिस आयुक्त की आपात बैठक बुलाई थी। इनके साथ स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर लंबी चर्चा हुई। इन्हें कहा गया है कि एक स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल बनाएं। विस्तृत प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए स्कूल, शिक्षा विभाग और पुलिस के साथ बैठक करके उसे अंतिम रूप दें। विशेष बात यह है कि कानून व्यवस्था की साप्ताहिक बैठक बृहस्पतिवार को होती है लेकिन वर्तमान हालात में पुलिस आयुक्त को बुलाकर उपराज्यपाल ने बात की।
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स्कूलों के लिए कुछ ऐसा है दिल्ली सरकार का एक्शन प्लान
1. एक हफ्ते में लिस्ट पुलिस को दें स्कूल
स्कूलों को एक हफ्ते में सभी नॉन टीचिंग स्टॉफ की लिस्ट पुलिस को देनी है। ये लिस्ट शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर भी लोड की जाएगी।
2. चाइल्ड ऑफेंडर्स की सूची भी देखें
दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर चाइल्ड ऑफेंडर्स की लिस्ट है। प्रबंधन को कहा गया है कि कर्मचारियों की हिस्ट्री इस लिस्ट से क्रॉस चेक करें।
3. हाई लेवल कमेटी देगी सुझाव
एक हाई लेवल कमेटी भी बनी है, जो तीन हफ्ते में सरकार को रिपोर्ट देगी। सरकार जल्द स्कूल कैब की एडवायजरी को भी कानूनी रूप देने जा रही है।
इन घटनाओं से हम सभी हिल गए हैं। एक पिता, एक मंत्री, एक नागरिक के नाते हम ऐसी घटनाएं रोकने का पूरा प्रयास करेंगे।
मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री
मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री





