बाबाओं के मामले में शिवराज सिंह पर चौतरफा दबाव

भोपाल। पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा देकर राज्य सरकार बुरी तरह उलझ गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और भैयाजी जोशी द्वारा बाबाओं को मंत्री दर्जा देने पर नाराजगी जाहिर करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर फैसला वापस लेने का दबाव बढ़ रहा है। सरकार यह तय नहीं कर पा रही है कि इस मसले पर क्या करें।बाबाओं के मामले में शिवराज सिंह पर चौतरफा दबाव

सूत्रों के मुताबिक बाबाओं को मंत्री दर्जा देने के मामले में संघ के नागपुर मुख्यालय द्वारा जवाब-तलब करने के बाद सीएम पर फैसला वापस लेने का दबाव बढ़ रहा है। इसकी वजह कम्प्यूटर बाबा के विवादास्पद बयान से भाजपा की किरकिरी होना माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री सचिवालय को भी इस बारे में सभी तरह के कानूनी पहलुओं पर विचार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक नर्मदा सेवा यात्रा का सारा काम जनअभियान परिषद की देखरेख में सम्पन्न् हुआ था। परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप पांडे की गुरुवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात होने वाली थी। माना जा रहा है कि पांडे से चर्चा के बाद इस बारे में सीएम फैसला ले सकते हैं।

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