ऐतिहासिक आत्मनिर्भर भारत पैकेज मोदी सरकार के कार्यकाल का सबसे बड़ा आर्थिक पैकेज है

कोरोना संकट के बीच एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए 20 लाख करोड़ रुपये के बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है. पीएम मोदी ने इसे आत्मनिर्भर भारत पैकेज नाम दिया है. पीएम मोदी का यह पैकेज इस मामले में ऐतिहासिक है कि 20 लाख करोड़ रुपये का यह अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक पैकेज है.

मंगलवार की रात 8 बजे देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है. लेकिन पीएम मोदी ने बताया कि इस पैकेज में वित्त मंत्री और आरबीआई के द्वारा पहले किए गए राहत के ऐलान भी जुड़े हैं.इसलिए अब लोगों की यह जिज्ञासा बढ़ गई है कि बाकी पैकेज कितने का होगा या कितनी राशि बचती है.

असल मेंं भारतीय रिजर्व बैंक अब तक दो चरणों में करीब 4.74 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा कर चुका है. सबसे पहले 27 मार्च को रिजर्व बैंक ने नकदी बढ़ाने के कई उपायों की घोषणा की थी और रेपो रेट में 75 बेसिस पॉइंट की भारी कटौती का ऐलान किया था. सीआरआर घटाकर 4 से 3 फीसदी कर दिया गया. पहले टार्गेटेड लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन (TLTRO) के द्वारा सिस्टम में 1 लाख करोड़ रुपये के नकदी प्रवाह की बात कही गई. इन सबसे करीब 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी सिस्टम में आने की बात कही गई. 17 अप्रैल को रिजर्व बैंक ने फिर 1 लाख करोड़ रुपये के नकदी प्रवाह बढ़ाने के उपाय किए. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1.7 लाख रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों को मदद देने की बात कही गई.इस तरह करीब 6.44 लाख करोड़ रुपये रुपये के पैकेज की घोषणा तो पहले ही हो चुकी है. पहले मिल चुके पैकेज इस प्रकार हैं—

1. गरीब कल्याण योजना पैकेज

केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण योजना के तहत 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था. इसके तहत गरीबों के खाते में सीधे पैसा भेजा जा रहा है.

2. TLTR0 1

27 मार्च को भारतीय रिजर्व बैंक ने कई महत्वपूर्ण ऐलान किए. भारतीय रिजर्व बैंक ने सीआरआर में कटौती कर दी थी और पहले टारगेटेड लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन (TLTRO) घोषणा की, जिससे सिस्टम में 3.74 लाख करोड़ रुपये की रुपये की नकदी आने की बात कही गई थी.

आरबीआई गवर्नर ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से कैश फ्लो में आई चुनौती से निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर इसे 3 फीसदी कर दिया गया. रिजर्व बैंक ने targeted long-term repo operation यानी TLTR0 1 का ऐलान किया. रिवर्स रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है. अब रिवर्स रेपो रेट 4% से घटकर 3.75% हो गया है. रिवर्स रेपो रेट में कटौती से बैंकों को नकदी का फायदा होगा. बैंकों को कर्ज मिलने में दिक्कत नहीं होगी. भारतीय रिजर्व बैंक ने TLTR0 1 के तहत 1 लाख करोड़ रुपये की नकदी बैंकिंग सिस्टम में डालने का ऐलान किया था.

3. TLTR0 2

इसके बाद 17 अप्रैल को भारतीय रिजर्व बैंक ने फिर कई ऐलान किए गए. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड 19 से छोटे और मध्यम आकार के कॉरपोरेट को नकदी की काफी दिक्कत हुई, इसलिए 50,000 करोड़ रुपये के targeted long-term repo operation (टीएलटीआरओ 2.0) का ऐलान किया गया.

इसके अलावा, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि नाबार्ड, सिडबी, एनएचबी की भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों और एनबीएफसी आदि के कर्ज प्रवाह के लिए महत्वपूर्ण है. कोविड 19 के दौर में इन संस्थाओं को बाजार से कर्ज मिलने में मुश्किल है, इसलिए नाबार्ड, सिडबी, एनएचबी को 50,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रीफाइनेंसिंग की सुविधा दी जा रही है.

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