उम्रकैद की सजा के बाद कुछ ऐसी कटी आसाराम की पहली रात

- in Mainslide, राष्ट्रीय

नाबालिग से रेप केस में जोधपुर की अदालत से उम्र कैद की सजा पाने वाले विवादित धर्मगुरु आसाराम की रात बेचैनी में गुजरी. वो रात भर करवटें बदलता रहा और उसे नींद नहीं आई. बीते करीब साढ़े चार साल से जेल की सलाखों में रहे आसाराम की बेचैनी की वजह ताउम्र जेल में रहने का फैसला है.

आपको बता दें कि बुधवार को जोधपुर की एक निचली अदालत ने आसाराम को अपनी शिष्य के रेप के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई और अपने आदेश में साफ कहा कि जब तक आसाराम जिंदा रहेगा, तब तक उसे जेल में ही रहना पड़ेगा. इस मामले में अदालत ने दो अन्य आरोपी को भी दोषी करार दिया, जबकि दो अन्य को बरी कर दिया.

दूसरी ओर आसाराम पर फैसला आते ही महाराष्ट्र के अकोला में आसाराम के आश्रम में तोड़फोड़ की गई. संभाजी ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने आसाराम के फोटो फाड़े, बैनर भी हटाए.

कैदी नंबर 130

अदालत के फैसले के साथ ही अब आसाराम की नई पहचान कैदी नंबर 130 के तौर पर होगी. आसाराम  जोधपुर की सेंट्रल जेल में अब तक विचाराधीन क़ैदी के तौर पर बंद था लेकिन दोषी साबित होते ही जेल में बंद आसाराम के दिन और रात बदल गए जाएंगे.

आसाराम को जेल में घर का बना खाना भी मिल जाता था अब जेल का खाना खाना पड़ेगा. अब तक अपने कपड़े पहन सकता था, अब जेल के कपड़े पहनने पड़ेंगे. अभी तक आसाराम को जेल के अंदर किसी तरह का काम भी नहीं करना पड़ता था लेकिन अब करना पड़ेगा.

एक सेवक बरी, दूसरा सेवक पहुंचा जेल

आसाराम का एक ख़ास सेवक प्रकाश उनके साथ जेल में बहाने से साथ रह रहा था लेकिनअब प्रकाश बरी हो गया है. आसाराम का दूसरा सेवक शरद चन्द्र आसाराम के पास पहुंच जाएगा क्योंकि उसे भी इस मामले में बीस साल की सजा सुनाई गई है.

जमानत अर्जी के लिए कौन होगा वकील, अभी तय नहीं

दोषी साबित होने के बाद आसाराम को जेल में कैदी नंबर 130 मिला है. आसाराम को अपनी सज़ा के निलम्बन और ज़मानत अर्ज़ी हाई कोर्ट में दायर करने का क़ानूनी अधिकार हासिल है लेकिन अगला वकील कौन होगा ये तय नहीं है. आसाराम की उम्र और उनकी बीमारियों का हवाला देकर अगले कुछ दिनो में उनके वक़ील जेल में काम करने से मुक्ति और खाना-दवाइयां मंगाने की छूट दिए जाने की अर्ज़ी भी अदालत में दाख़िल कर सकते है.

पांच साल की नजरबंदी खत्म हुई: पीड़िता

रेप केस में कथावाचक आसाराम को उम्रकैद की सजा पर पीड़िता ने कहा है कि उसकी पांच साल की नजरबंदी खत्म हुई. पीड़ित ने कहा कि पांच साल से उसके लिए हर दिन बुरे सपने की तरह रहा. पीड़ित के पिता ने कहा कि अब इंसाफ मिला है. जिन गवाहों की हत्या की गई थी उनकी आत्मा को आसाराम की सजा से शांति मिलेगी. पीड़िता यूपी की रहने वाली है.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

लापता जवान की निर्ममता से हत्या, शव के साथ बर्बरता, आॅख भी निकाली

दो दिन पहले बार्डर की सफाई दौरान पाकिस्तानी