ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाया, घर जाने को नहीं मुहैया कराई गई एंबुलेंस

छतरपुर(भोपाल).शहर के दूर दराज के इलाकों से सिटी हॉस्पिटल में महिला नसबंदी ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती जा रही है। महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया जा रहा है। ये हालत शहर के गवर्नमेंट हॉस्पिटल का है। वहीं प्रशासन इस मामले में कोई ध्यान नहीं दे रहा है। हॉस्पिटल में कोई फैसिलिटी नहीं दी जा रही है। इस दौरान मिलने वाली सरकारी फैसिलिटी भी सही तरह से भुगतान भी नहीं मिल रहा है। क्या है मामला…
– सिटी हॉस्पिटल में इन दिनों सभी आठों ब्लाॅकों की महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे हैं। इन महिलाओं को हेल्थ डिपार्टमेंट की एएनएम, आंगनबाड़ी वर्कस, सहित हेल्थ डिपार्टमेंट के कर्मचारी मोटीवेट कर टीटी ऑपरेशन कराने के लिए सिटी हॉस्पिटल लेकर आते हैं।
– इन महिलाओं को ऑपरेशन के लिए हॉस्पिटल तक लाने के लिए मिशन परिवार विकास कार्यक्रम योजना के तहत 100 रुपए और घर तक सुरक्षित भेजने की फैसिलिटी के लिए 250 रुपए हेल्थ डिपार्टमेंट को महिलाओं पर खर्च करने होते हैं। पर ऑपरेशन कराने वाली महिलाअों सहित हेल्थ वर्कर्स को जानकारी न होने के कारण निजी वाहन की मदद से अपने गांव लौटना पड़ रहा है।
– सिटी हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराने आए पेशेंट ने बताया कि हम महिलाओं को ऑपरेशन के लिए लाया जाता है। पर आने जाने की फैसिलिटी नहीं दी जाती। हम लोगों को अपने रुपए खर्चकर गांव से आना और जाना पड़ता है।
– आने के दौरान तो हम लोग बस से आते हैं पर ऑपरेशन होने के बाद लेटकर जाना पड़ता है। इसलिए किराए का वाहन करना जरूरी रहता है। सिर्फ अपने लिए निजी वाहन करने के कारण उन लोगों के अधिक रुपए खर्च होते हैं।
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महिलाओं को आवागमन फैसिलिटी मिलनी चाहिए
– इस मामले में सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी का कहना है कि नसबंदी ऑपरेशन करने आने वाली महिलाओं को आने और जाने की फैसिलिटी मिलना चाहिए। ऑपरेशन कैंप तक लाने के लिए 100 रुपए और घर वापस छोड़ने के लिए प्रति महिला 250 तक खर्च करने का प्रावधान है। यह प्रबंध कैंप प्रभारी को करना होता है। यदि महिलाओं को लाने और ले जाने का प्रबंध नहीं किया जा रहा है तो मैं दिखवाता हूं और वाहन की व्यवस्था करवाता हूं।





