बीजेपी की बंपर जीत के बाद सांसद संजय राउत ने जमकर बोला हमला

पांच राज्यों के चुनाव नतीजों में बीजेपी की बंपर जीत के बाद सांसद संजय राउत  ने आज (13 मार्च, रविवार) शिवसेना के मुखपत्र सामना में रोखठोक  नाम से लेख लिखा है। जी दरअसल इस लेख में उन्होंने हमेशा की तरह बीजेपी पर जमकर हमले किए हैं, फिर भी वे इस नतीजे पर पहुंंचते हैं कि देश में आज पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के मुकाबले का कोई नेता नहीं है। यानी जनता बीजेपी से नाराज भी हो, हताश भी हो तो मजबूरी में पीएम मोदी का चेहरा देखते हुए लौट कर वहीं जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि देश में ठोस विकल्प का अभाव है। कांग्रेस अपना काम नहीं कर पा रही है।

आपको बता दें कि उन्होंने अपने लेख में यह भी कहा है कि कांग्रेस  पंजाब में सिर्फ हारी ही नहीं है बल्कि इस सीमावर्ती राज्य को हमेशा के लिए खो दिया है। इसी के साथ संजय राउत ने लिखा है, ‘उत्तर प्रदेश में हवाएं बीजेपी के खिलाफ चल रही थीं। फिर भी बीजेपी जीत गई। वोटर नरेंद्र मोदी को देश के नेता के रूप में देखता है। उनको टक्कर देने वाले नेता आज लोगों के सामने नहीं हैं। मोदी चुनावों को एक इवेंट के रूप में देखते हैं और इस इवेंट में लोगों को शामिल कर लेते हैं। इसके बाद त्योहार में शामिल होने वाले लोग चुनाव भर के लिए बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था इन तमाम समस्याओं को भूल जाते हैं।’

इसी के साथ शिवसेना के मुखपत्र सामना में संजय राउत ने यह भी लिखा है, ‘बीजेपी के नेता नरेंद्र मोदी ही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों की जीत का श्रेय बीजेपी अध्यक्ष श्री जे. पी. नड्डा को दिया जा रहा है। श्री अमित शाह व योगी आदित्यनाथ के बीच संबंध अच्छे नहीं हैं, ऐसी खबरें बीच-बीच में उठती रहती हैं, जो कि उतनी सही नहीं होंगी। क्योंकि श्री शाह ने उत्तर प्रदेश में योगी की जीत के लिए रैलियां और रोड शो किए। समाजवादी पार्टी पर सबसे ज्यादा हमला शाह ने ही किया, लेकिन आजम खान सहित अन्य सभी विवादित लोग फिर भी जीत गए।’

केवल यही नहीं बल्कि शिवसेना सांसद ने सामना में लिखा है, ‘सीमावर्ती राज्य पंजाब में भारतीय जनता पार्टी बुरी तरह से पराजित क्यों हुई? इस पर कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। ‘आप’ ने दिल्ली से पंजाब तक हाथ-पांव पसार लिया। वे गोवा में घुस गए। भाजपा के पास पंजाब में गंवाने के लिए कुछ नहीं था, लेकिन कांग्रेस ने पंजाब को हमेशा के लिए खो दिया है। पंजाब से अकाली दल का भी अस्त हो गया और लोगों ने बादल परिवार की राजनीति को खत्म कर दिया। खुद प्रकाश सिंह बादल और उनके पुत्र सुखबीर बादल हार गए। पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी और कांग्रेस की हार के लिए जिम्मेदार रहे प्रदेश अध्यक्ष नवज्योत सिंह सिद्धू चुनाव हार गए। ये तस्वीर क्या कहती है? हिंदुस्तान के कल की राजनीति की जो तस्वीर इन पांच राज्यों से उभर कर आई है उसके बारे में हम सभी को सोचना चाहिए।’

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