प्राइवेट मेडिकल कॉलेज फीस दोगुनी करने के लिए स्टूडेंट्स से भरवा रहे शपथ पत्र
भोपाल/इंदौर. निजी मेडिकल कॉलेज संचालक एडमिशन में धांधली करने से बाज नहीं आ रहे हैं। नीट यूजी काउंसलिंग में स्टेट कोटा अनिवार्य होने के बाद ऑल इंडिया कोटे के छात्रों को दाखिला देने से पहले फीस बढ़ोतरी का डर दिखाया जा रहा है। ताकि वे सीट छोड़ दें और काउंसलिंग के अाखिरी दिन एमबीबीएस और बीडीएस की खाली सीटों को सीधे कॉलेज लेवल काउंसलिंग से भर सकें।

कॉलेज प्रबंधन छात्रों से शपथ पत्र भरवा रहे हैं कि इसी शैक्षणिक सत्र में फीस बढ़ाकर 11 लाख रुपए की जा सकती है। अभी 2017-18 में साढ़े छह लाख रुपए फीस ली जा रही है, लेकिन यह बढ़ती है तो छात्र इसे जमा करवाएंगे। जो स्टूडेंट्स शपथ पत्र देने से इनकार कर रहे हैं, उन्हें कॉलेज संचालक एडमिशन नहीं दिया जा रहा है।
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इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर सुरेश सिंह भदौरिया ने बताया कि काउंसलिंग में शामिल कुछ कॉलेजों की फीस बढ़ा दी गई है। इसके अलावा तीन निजी कॉलेजों के फीस बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव फीस कमेटी के पास लंबित हैं। कॉलेज संचालकों ने 11 लाख रूपए सालाना फीस का प्रस्ताव फीस कमेटी को दिए हैं। कमेटी जब तक फीस तय करके घोषित करेगी, तब तक एडमिशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी होगी। इस वजह से स्टेट कोटे की नीट यूजी काउंसलिंग से दाखिला लेने वाले उम्मीदवारों से शैक्षणिक सत्र के दौरान कॉलेजों की ट्यूशन फीस 11 लाख रुपए सालाना तय होने पर उसे चुकाने की सहमति से संबंधित शपथ पत्र ले रहे हैं। वही प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण समिति ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी नियामक आयोग के दायरे से बाहर रहे सभी कॉलेजों की फीस तय कर दी है। फीस कमेटी की अपीलीय अथॉरिटी के पास एक भी कॉलेज की फीस रिव्यू की याचिका पेंडिंग नहीं हैं।





