हिन्दू पंचांग के अनुसार: आज से लग रहा है खरमास, इन बातों का रखें खास ध्यान

हिन्दू पंचांग के अनुसार, जब बृहस्पति की राशि धनु या मीन में सूर्यदेव गोचर करते हैं तो उसे खरमास कहा जाता है। यह दिन मलमास भी कहलाता है। हिंदू धर्म में खरमास के दौरान कोई भी शुभ कार्य करने वर्जित माने जाते हैं। इस मास में कुछ नियम भी होते हैं। अगर इनका पालन किया जाए तो व्यक्ति को सूर्यदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही घर परिवार में सुख समृद्धि में भी वृद्धि होती है। शरीर निरोगी रहता है। आइए जानते हैं खरमास में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

वैवाहिक कार्य, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, मुंडन, तिलकोत्सव आदि मांगलिक कार्य खरमास के दौरान नहीं किए जाते हैं। ऐसा करने से व्यक्ति को अशुभ फल प्राप्त होता है।

खरमास के दौरान चारपाई या बेड पर नहीं सोना चाहिए। इस दौरान जमीन पर सोना सही माना जाता है। इससे व्यक्ति पर सूर्यदेव की कृपा बनी रहती है।

खरमास के दौरान पत्तल पर भोजन करना बेहद शुभकारी माना गया है। थाली आदि में भोजन नहीं करना चाहिए।

खरमास के दौरान झूठ नहीं बोलना चाहिए। साथ ही लड़ाई-झगड़ा भी नहीं करना चाहिए।

खरमास में मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।

खरमास के दौरान ये करें:

खरमास के दौरान सूर्यदेव की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जानी चाहिए। इससे व्यक्ति पर सूर्य देव की कृपा बरसती है।

खरमास के दौरान विष्णु जी की पूजा कनरा बेहद लाभकारी माना गया है। इससे घर में लक्ष्मी जी का वास होता है। साथ ही धन की वृद्धि होती है।

इस दौरान सेवा का महत्व अधिक है। खरमास के दौरान गरीब ब्राह्मण, गुरु, गाय और साधुओं की सेवना करना विशेष फल देता है।

खरमास में सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए। फिर स्नानादि कर भगवान की अराधना करनी चाहिए। सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। ऐसा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

खरमास के दौरान तुलसी की पूजा करनी चाहिए। शाम को घी का दीपक भी जलाना चाहिए तुलसी के पौधे पर। 

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