AAP विधायक अमानतुल्ला ने किया सरेंडर, कहा मैंने कुछ भी गलत नहीं किया

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार बड़ी मुश्किल में फंस गई है। मामले में नामजद आरोपी बनाए गए आप विधायक अमानतुल्ला ने बुधवार को जामिया नगर पुलिस स्टेशन पहुंचकर सरेंडकर कर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया।

वहीं इससे पहले आप विधायक प्रकाश जरवाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन को हिरासत में ले लिया है। वहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल इस मुद्दे पर मीडिया के सवालों से बचते नजर आए।

इससे पहले पुलिस ने मंगलवार रात आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जरवाल गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें उनके आवास से देर रात गिरफ्तार किया। जरवाल की पहचान तस्वीर के आधार पर की गई। स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक ने गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी है।

पुलिस ने मुख्य सचिव की शिकायत के आधार पर कुल 11 विधायकों पर केस दर्ज किया है। इसमें अमानतुल्लाह नामजद हैं। मंगलवार देर रात मुख्य सचिव का मेडिकल कराया गया। वहीं वीडियो फुटेज के आधार पर विधायक प्रकाश जारवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अमानतुल्लाह खां समेत बाकी आरोपी विधायकों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। इन सभी के फोन बंद बताए जा रहे हैं।

बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार एक नए और शर्मनाक विवाद में फंस गई है। सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने मंगलवार को सनसनीखेज आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर सोमवार आधी रात को सत्तारूढ़ विधायकों ने उन्हें धमकी देते हुए बुरी तरह मारा-पीटा। पूरा वाकया केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सामने हुआ। मुख्य सचिव ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिलकर घटना की जानकारी दी। 

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आने के लिए किया चार बार फोन

एफआईआर के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन ने मुख्य सचिव को सोमवार की रात पौने नौ बजे फोन पर कहा कि सरकार के तीन साल पूरा होने पर कुछ टीवी विज्ञापनों के प्रसारण में हो रही देरी पर बातचीत होगी। इसके लिए रात 12 बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचना है। वहां सीएम व उप मुख्यमंत्री उनसे विचार-विमर्श करेंगे। जैन ने रात नौ बजे और फिर घंटे भर बाद भी फोन किया। इससे पहले शाम 6.55 बजे उप मुख्यमंत्री ने भी उन्हें फोन कर रात 12 बजे सीएम आवास आने को कहा। रात 11.20 बजे जैन ने फिर फोन किया।

सीएम आवास पर पहुंचने पर मुख्य सचिव को जैन मिले और उन्हें एक कमरे में ले गए। वहां मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित 11 विधायक व अन्य लोग थे। वह तीन सीट वाले सोफे पर अमानतुल्लाह और एक अन्य व्यक्ति के साथ बैठे। इस बीच एक विधायक ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया।

…और चिल्लाने लगे विधायक

बकौल अंशु प्रकाश, मुख्यमंत्री ने उन्हें विज्ञापन पास करने में हो रही देरी पर विधायकों के सवालों का जवाब देने को कहा। इस पर अंशु प्रकाश ने कहा कि विज्ञापन का प्रसारण सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश पर ही संभव है। इस पर कई विधायक चिल्लाने और गालियां देने लगे। एक ने धमकाया कि विज्ञापन रिलीज नहीं हुए तो पूरी रात बंदी बना लेंगे। साथ ही एससी-एसटी एक्ट में फंसा देंगे।

एक विधायक ने जातिसूचक शब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान सोफे पर बैठे अमानतुल्लाह व एक अन्य विधायक मुख्य सचिव को पीटने लगे। उन्हें सिर पर मारा गया, जिससे उनका चश्मा गिर गया। वह लिफ्ट की ओर बढ़े तो खींचकर मारा गया। उनका मोबाइल फोन तोड़ दिया गया। बकौल अंशु प्रकाश, वह किसी तरह जान बचाकर कमरे से भागे और बाहर अपनी गाड़ी लेकर वहां से निकल गए।

आप ने कहा, आरोप निराधार

वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव के आरोपों को निराधार बताया है। आप के मुताबिक, मारपीट नहीं हुई। मुख्य सचिव को दिल्ली में आधार को राशन कार्ड से जोड़ने में आ रही दिक्कतों पर वार्ता के लिए बुलाया गया था।

दिल्ली समेत अन्य राज्यों की आईएएस एसोसिएशन के सख्त तेवर

दिल्ली समेत उप्र, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक राज्यों के आइएएस एसोसिएशनों ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली आईएएस एसोसिएशन के सचिव मनीष सक्सेना ने मुख्य सचिव पर हमले को योजनाबद्ध साजिश बताया। उन्होंने कहा कि जब तक अरविंद केजरीवाल, मंत्री और विधायक घटना के लिए माफी नहीं मांगेंगे तब तक हम राज्य सरकार की हर मीटिंग का बहिष्कार करेंगे।

इससे पहले आईएएस अफसरों ने मंगलवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। साथ ही कहा कि अब वे किसी मंत्री के घर बैठक में नहीं जाएंगे। आफिस के बाद किसी मंत्री या विधायक का फोन नहीं उठाएंगे। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। साथ ही वे राष्ट्रपति से भी शिकायत करेंगे।

मुझे लगता है मुख्य सचिव के साथ मारपीट पूर्व नियोजित थी। यह एक तरह का आतंक है। दिल्ली के इतिहास में काला दिन है। इससे संवैधानिक संकट पैदा हो गया है। -मनोज तिवारी, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

मुख्य सचिव के साथ हाथापाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे मुख्यमंत्री के इशारे पर अंजाम दिया गया है। मुख्यमंत्री अपनी नाकामी छिपाने के लिए और असली मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। – अजय माकन, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

मुख्य सचिव लगातार विधायकों की बातों को अनसुना कर रहे थे। वह अब कहने लगे थे कि मेरी जवाबदेही मुख्यमंत्री के प्रति नहीं उपराज्यपाल के प्रति है। मैं उन्हीं को जवाब दूंगा और किसी को नहीं। इसलिए मुझे लगता है कि विधायकों के साथ बातचीत में गरमागरमी तो हुई होगी लेकिन मारपीट की बात सरासर गलत है। -सौरभ भारद्वाज, आप प्रवक्ता

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