अवैध हथियार के कारोबार में राजस्थान बदनाम, 4 साल में 22 हजार वेपन स्मगलर अरेस्ट

  • जयपुर. अवैध हथियारों के मामले में चाहे बिहार और यूपी चाहे बदनाम रहे हो लेकिन राजस्थान अब बिहार से आगे निकल गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले चार साल में राजस्थान में करीब 22 हजार हथियार तस्कर पकड़े गए, जबकि बिहार में यह संख्या 7011 है। अवैध हथियारों के मामले में यूपी और मध्यप्रदेश ही राजस्थान से आगे हैं। यूपी में 4 साल में एक लाख से ज्यादा अवैध हथियार के मामले सामने आए हैं। राजस्थान में अवैध हथियारों का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक ऐसा ही 19 साल पुराना मामला फिल्म अभिनेता सलमान खान के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। 1998 में फिल्म हम साथ-साथ हैं की शूटिंग के दौरान अवैध हथियार रखने के मामले में शुक्रवार को ही सलमान खान को अदालत में 20 हजार रुपए का जमानती मुचलका भरना पड़ा है।
    अवैध हथियार के कारोबार में राजस्थान बदनाम, 4 साल में 22 हजार वेपन स्मगलर अरेस्ट
     
    प्रदेश में कई राज्यों से ज्यादा अवैध हथियार
    पिछले 5 साल में देश के 22 राज्यों और छह केंद्र शासित प्रदेशों में जितने अवैध हथियार पकड़े गए हैं, उससे ज्यादा हथियार अकेले राजस्थान में बरामद हुए हैं। राजस्थान में बरामद हथियार असम, गोवा, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, पंजाब, हरियाणा, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से काफी ज्यादा हैं।

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    कोटा बन गया अवैध हथियारों का गढ़
    नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान से यूपी और मध्यप्रदेश में हथियार सप्लाई किए जा रहे हैं। वर्ष 2015 में पुलिस ने कोटा में 786 बदमाशों को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया। इस लिहाज से कोटा देश का तीसरा बड़ा शहर है, जहां अवैध हथियाराें से जुड़े सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। अब तक अवैध हथियारों के तीन बड़े गढ़ थे, गाजियाबाद (980),भोपाल (934) और दिल्ली (658)। इसमें अब कोटा का नाम भी जुड़ गया है। कोटा ने दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है।
     
    मेवात में हैं अवैध हथियारों की फैक्ट्रियां
    राजस्थान के भरतपुर, अलवर में हथियार बनाने की कई फैक्ट्रियां चल रही हैं। कुछ समय पहले भरतपुर के गोपालगढ़ में पुलिस ने दबिश देकर अवैध हथियार बनाने के कारखाने का भंडाफोड़ किया था। इस फैक्ट्री में अवैध हथियारों के जखीरे के साथ ही इन्हंे बनाने वाले एक दर्जन लोग गिरफ्तार किए गए।
     
    अवैध हथियार ज्यादा लेकिन हिंसा कम
    राजस्थान में अवैध हथियार तस्करी के मामले चाहे बिहार, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों से ज्यादा सामने आए हों, लेकिन हिंसा की वारदात इन राज्यों से काफी कम हुई हैं। अवैध हथियारों से बिहार में (3397), पंजाब में (149) और हरियाणा में (648) मर्डर हुए जबकि राजस्थान में यह संख्या 268 रही। इसी तरह लाइसेंस शुदा हथियारों से राजस्थान में 67 मर्डर हुए जबकि बिहार (183), पंजाब में (291) और हरियाणा में यह संख्या (70) रही।
     
     
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