कभी अमीरों के घर किया काम, एक मूवी की फीस थी 5 लाख रुपए, भारत की वो पहली करोड़पति हीरोइन

‘किसी चीज को शिद्दत से चाहो, तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में जुट जाती है’, ये डायलॉग भले ही शाहरुख खान का हो, लेकिन इसपर अमल 30 और 40 के दशक की एक हीरोइन ने अपनी जिंदगी में किया था। जिनके पिता के निधन के बाद उनकी जिंदगी इतनी गरीबी में बीती की वह छोटी सी उम्र में दूसरों के घर काम करने पर मजबूर हो गईं।
हालांकि, उन्होंने महज 7 साल की उम्र में जिंदगी का वो फैसला लिया, जिससे वह फर्श से अर्श पर आ गईं और एक समय पर वह हिंदी सिनेमा की पहली करोड़पति कहलाईं। कौन थीं वह दिग्गज अभिनेत्री, जिनकी असल जिंदगी की कहानी ने किया सबको इंस्पायर, पढ़ें उनके जीवन के दास्तां।
1916 में गरीब परिवार में जन्मी थीं हीरोइन
जिन दिग्गज अभिनेत्री का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह कोई और नहीं,बल्कि कनन देवी हैं, जिन्होंने साल 1926 में फिल्म ‘जॉयदेव’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। कननं देवी का जन्म पश्चिम बंगाल के हावड़ा में एक गरीब परिवार में हुआ था। डीएनए की एक खबर के मुताबिक, उनके असली माता-पिता का तो नहीं पता, लेकिन एक्ट्रेस की बायोग्राफी में रतन चंद्र दास और राजोबाला का जिक्र जरूर है, जो उन्हें घर लेकर आए और माता-पिता की तरह प्यार दिया।
रतन चंद्र दास ने कनन दैवी को म्यूजिक में ट्रेन किया, लेकिन कुछ सालों के बाद उनका निधन हो गया। रतन चंद्र दास अपने परिवार में कमाने वाले अकेले सदस्य थे, जिसकी वजह से उनके निधन के बाद कनन देवी और उनकी मां आर्थिक तंगी का शिकार हो गए।
अमीर घरों में मां के साथ करती थीं झाड़ू पोछा
पिता के निधन के बाद कनन और उनकी मां के हालात इतने ज्यादा बिगड़ गए थे कि उन्हें अपना घर छोड़कर रेंट हाउस में शिफ्ट होना पड़ा, जहां दो वक्त की रोटी कमाने के लिए एक्ट्रेस की मां उन्हें लेकर कोलकाता के कई अमीर घरों में काम करने लग गई थीं। बहुत ही कम उम्र में कनन को भी दूसरों के घर झाड़ू-पोंछा करना पड़ा। कनन दैवी और उनकी मां के हालातों को देखते हुए कुछ रिश्तेदारों ने उन्हें अपने घर में रहने की जगह तो दे दी, लेकिन वह उनसे घरों में काम करवाने के साथ-साथ बदतमीजी भी किया करते थे।
जब कनन देवी महज 7 साल की थीं, तब उन्होंने यह डिसाइड किया था कि वह मां का अपमान और ज्यादा बर्दाश्त करने रिश्तेदारों के घर नहीं रह सकतीं। रिश्तेदारों का घर छोड़कर आईं कनन हावड़ा(वेस्ट बंगाल) में एक वेश्यालय के पास रहने लगीं। एक्ट्रेस की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके फैमिली फ्रेंड तुलसी बनर्जी, जिन्हें प्यार से कनन काका बाबू कहती थीं, उन्होंने 10 साल की लड़की को मदन थिएटर और ज्योति थिएटर से परिचय करवाया।
5 रुपए से कैसे 5 लाख लेने वाली हीरोइन बनीं कनन देवी?
मदन मूवी कनन देवी की खूबसूरती से काफी इम्प्रेस हुआ और उस समय पर 5 रुपए की फीस देकर ‘जयदेव’ के लिए साइन कर लिया। उन्होंने इसके बाद कभी भी पीछे पलट के नहीं देखा और एक के बाद एक फिल्म करती चली गईं। उन्होंने कुछ फिल्मों के लिए गाने भी गाए और उन्हें कंपोज भी किया। उनका समय तब बदला जब उन्होंने राधा फिल्म कंपनी के साथ काम करना शुरू किया। वह अपने समय की सबसे सबसे हाइएस्ट पेड एक्ट्रेस बनी।
उनकी फिल्मों का बजट जहां 15 से 20 हजार होता था, लेकिन एक्ट्रेस की डिमांड उस वक्त इतनी अधिक थी कि वह फिल्म के लिए लगभग एक लाख से 5 लाख की फीस लेती थीं। उन्होंने अपने पूरे करियर में 57 फिल्मों में काम किया और दुनियाभर में वह मेल डोमिनेटिंग इंडस्ट्री में ‘मैडम’ के नाम से जानी गईं।





