अमरनाथ यात्रा का नया आकर्षण बना चिनाब रेल ब्रिज

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज, चिनाब रेल ब्रिज, इन दिनों अमरनाथ यात्रियों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देशभर से आने वाले हजारों श्रद्धालु अपनी धार्मिक यात्रा के दौरान इस ऐतिहासिक इंजीनियरिंग उपलब्धि को देखने के लिए रुक रहे हैं और इसकी तस्वीरें व वीडियो अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं।
जम्मू-श्रीनगर रेल कॉरिडोर के रास्ते में पड़ने वाले इस पुल को देखने के लिए श्रद्धालु निर्धारित व्यू प्वाइंट्स पर रुककर इसकी विशाल स्टील आर्च संरचना को निहार रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि हिमालय के कठिन भौगोलिक हालात और चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच इंजीनियरों और श्रमिकों ने जिस मेहनत से इस पुल का निर्माण किया है, वह देश की इंजीनियरिंग क्षमता का शानदार उदाहरण है।
श्रद्धालुओं ने कहा कि चिनाब रेल ब्रिज ने उनकी अमरनाथ यात्रा के अनुभव को और यादगार बना दिया है। यह पुल अब आध्यात्मिक पर्यटन, आधुनिक बुनियादी ढांचे और जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम बनकर उभर रहा है।
अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद से ही चिनाब रेल ब्रिज पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ देखी जा रही है। इस ऐतिहासिक पुल ने रियासी जिले के पर्यटन आकर्षण को भी बढ़ावा दिया है।
वहीं, अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल भी लगातार सक्रिय है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए सीआरपीएफ जवान लगातार रोड ओपनिंग पार्टी अभियान चला रहे हैं।
इसके अलावा सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन ने रामबन जिले के चंद्रकोट में मोबाइल हेल्थ कैंप स्थापित किया है, जहां यात्रियों और स्थानीय लोगों को 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
सीआरपीएफ 84वीं बटालियन के कमांडेंट एन रणबीर सिंह की निगरानी में चल रहे इस स्वास्थ्य शिविर में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनंता कृष्णन के नेतृत्व में मेडिकल टीम तैनात है। पैरामेडिकल स्टाफ, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और जरूरी जीवनरक्षक दवाओं के साथ टीम श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
सीआरपीएफ का कहना है कि सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों के स्वास्थ्य और सुविधा का ध्यान रखना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।





