क्लीन स्वीप से बचने उतरेगी भारतीय टीम, इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टी-20 में होंगे बड़े बदलाव

आयरलैंड के बाद इंग्लैंड से टी-20 सीरीज गंवा चुकी भारतीय टीम जब शनिवार को पांचवें और अंतिम टी-20 मुकाबले में उतरेगी तो उसके सामने ‘क्वीन स्वीप’ से बचने की चुनौती होगी। अब तक इंग्लैंड दौरे पर एक भी मैच नहीं जीतने वाली श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली टीम को अगर ये मैच जीतना है तो उसे खेल के हर विभाग में इंग्लिश टीम से बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

ब्रिटेन दौरे पर भारतीय टीम की यात्रा आयरलैंड के बेलफास्ट के उमस भरे और हवादार मौसम से शुरू हुई। इसके बाद टीम ने उत्तरी इंग्लैंड के डरहम शहर में समय बिताया और अब वह दक्षिणी शहर साउथैंप्टन में अंतिम टी-20 मुकाबला खेलेगी। ब्रिटेन के छह शहरों (बेलफास्ट सहित) में एक बात समान रही है, भाग्य का अय्यर का साथ नहीं देना।

कप्तान बनने के बाद उन्हें अब भी अपनी पहली जीत की तलाश है। भारतीय टीम के 2006 में पहली बार टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद से यह सबसे लंबा अंतराल है जबकि वह कोई मैच नहीं जीत पाई। ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए दूसरे मैच को छोड़कर भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में लचर प्रदर्शन किया।

दूसरे मैच में भारत अच्छी स्थिति में दिख रहा था लेकिन रवि बिश्नोई के 17वें ओवर ने भारत को जीत से दूर कर दिया। नाटिंघम में खेले गए तीसरे मुकाबले में भारत ने अब तक का सबसे खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन किया और टीम 76 रन पर आउट हो गई। ब्रिस्टल में खेले गए चौथे मैच में टीम प्रत्येक विभाग में नाकाम रही। अब भारतीय टीम प्रतिष्ठा बचाने के लिए मैदान पर उतरेगी।

जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की तेज गति की गेंदों का सामना न कर पाने से भारतीय टीम प्रबंधन निश्चित रूप से चिंतित होगा। इन दोनों के अलावा बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सैम कुरेन ने भी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया है। वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा के चोट के कारण बाहर होने और रवि बिश्नोई के एक ओवर में 29 रन देने के बाद उनकी वापसी की बहुत कम संभावना को देखते हुए भारत के पास गेंदबाजी विभाग में बहुत कम विकल्प रह गए हैं।

बल्लेबाजी विभाग में भारतीय टीम प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी को लंबे समय तक मौका देना चाहेगा, भले ही शार्ट-पिच गेंदों के सामने उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। संजू सैमसन को अंतिम एकादश और जिंबाब्वे दौरे की टीम से बाहर किए जाने से हर कोई हैरान और नाखुश है।

उन्हें खराब फार्म में चल रहे तिलक वर्मा को बाहर किए जाने से ही अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। ऐसा करने पर इशान किशन और अय्यर दोनों को एक-एक स्थान नीचे आना पड़ेगा। किशन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं और उन्हें नीचे भेजने से टीम को खास मदद नहीं मिलेगी।

भारतीय टीम

श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, इशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, संजू सैमसन, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई।

इंग्लैंड टीम

हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टाम बैंटन, विल जैक्स, सैम कुर्रन, जोश टंग, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, रेहान अहमद, लियाम डासन, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, सन्नी बेकर, जार्डन काक्स, जेम्स कोल्स।

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