रेखा सरकार का फैसला: पुरानी दिल्ली के लिए नया मास्टर प्लान

दिल्ली में विकास बोर्ड की बैठक में चांदनी चौक को सबसे पहले विकसित करने का फैसला लिया गया। विरासत बचाते हुए पूरे पुराने शहर की तस्वीर बदली जाएगी। इतिहासकारों और विरासत विशेषज्ञों की सलाह से पुनर्विकास होगा। शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नाम बदलकर बना इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम किया जाएगा।

पुरानी दिल्ली का विकास अब केवल सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं रहेगा। दिल्ली सरकार ने 350 वर्ष पुराने ऐतिहासिक शहर के लिए विरासत संरक्षण, आधुनिक सुविधाओं, पर्यटन और व्यापार को एक साथ जोड़ते हुए नया ब्लूप्रिंट तैयार किया है।

इसी रणनीति के तहत शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम कर दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई निगम की वार्षिक बैठक में चांदनी चौक समेत पूरे पुराने शहर के पुनर्विकास की नई रूपरेखा पर मुहर लगी।

सरकार ने स्पष्ट किया कि निगम का उद्देश्य केवल भवनों का संरक्षण नहीं बल्कि पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक नागरिक सुविधाओं से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास ऐसा हो जिससे विरासत, व्यापार और स्थानीय जीवनशैली तीनों सुरक्षित रहें। सरकार का दावा है कि पुरानी दिल्ली को विश्वस्तरीय विरासत क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

चांदनी चौक सबसे बड़ी प्राथमिकता
बैठक में चांदनी चौक को सबसे पहले विकसित करने का फैसला लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बाजार का डिजाइन ऐसा हो जिससे उसकी ऐतिहासिक पहचान और पारंपरिक स्वरूप स्पष्ट दिखाई दे। प्रतिदिन लाखों लोगों की आवाजाही को देखते हुए आधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे। साथ ही बाजार में पर्यटकों के लिए समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित होगा, जहां उन्हें मार्गदर्शन और तत्काल सहायता मिल सकेगी। पार्किंग सुविधाओं को भी नए सिरे से विकसित किया जाएगा।

टाउन हॉल से जामा मस्जिद तक बनेगी नई योजना
सरकार ने ऐतिहासिक टाउन हॉल को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि टाउन हॉल का एक प्रमुख प्रवेश और निकास चांदनी चौक की ओर भी बनाया जाए। इसके अलावा यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर और उसके पीछे के क्षेत्र, जामा मस्जिद परिसर तथा पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा।

इतिहासकार तय करेंगे विकास की दिशा
बैठक की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह रही कि पुनर्विकास योजनाएं केवल इंजीनियरों या सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं रहेंगी। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इतिहासकारों, विरासत संरक्षण विशेषज्ञों, स्थापत्य विशेषज्ञों और क्षेत्र के जानकारों की मदद से योजनाएं तैयार होंगी। इसका उद्देश्य पुरानी दिल्ली की पारंपरिक वास्तुकला और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित करना है।

व्यापार और पर्यटन दोनों को मिलेगा लाभ
सरकार ने माना कि चांदनी चौक का इतिहास उसके बाजारों से जुड़ा है। इसलिए पुनर्विकास के दौरान व्यापारियों और दुकानदारों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि बेहतर आधारभूत सुविधाओं, सुव्यवस्थित पार्किंग और पर्यटक सेवाओं से व्यापार को नई गति मिलेगी और देश विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी।

विरासत के साथ आधुनिक सुविधाओं का संतुलन
इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम केवल ऐतिहासिक भवनों के संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। निगम ठोस कचरा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आधुनिक आधारभूत ढांचे, पर्यटन सुविधाओं और पर्यावरणीय संतुलन पर भी काम करेगा। सरकार का कहना है कि विकास का मॉडल ऐसा होगा जिसमें विरासत संरक्षण और आधुनिक शहरी सुविधाएं साथ साथ चलें।

350 साल पुराने शहर के सामने बड़ी चुनौती
अधिकारियों के अनुसार पुरानी दिल्ली करीब 7.12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली है। यहां एक विश्व धरोहर स्थल, 10 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक, 10 राज्य संरक्षित स्मारक और 700 से अधिक स्थानीय स्तर पर संरक्षित विरासत स्थल हैं। हर दिन लाखों लोग यहां खरीदारी, व्यापार, धार्मिक स्थलों के दर्शन और पर्यटन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में क्षेत्र का सुनियोजित विकास लंबे समय से बड़ी जरूरत माना जा रहा था।

पुरानी दिल्ली में क्या बदलेगा
शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन अब इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम कहलाएगा
चांदनी चौक के लिए नया डिजाइन तैयार होगा
टाउन हॉल को प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा
पर्यटकों के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा
आधुनिक टॉयलेट और पार्किंग सुविधाएं विकसित होंगी
जामा मस्जिद, यमुना बाजार और एसपीएम मार्ग का पुनर्विकास होगा
इतिहासकार और विरासत विशेषज्ञ पुनर्विकास योजना का हिस्सा होंगे
व्यापार, पर्यटन और विरासत संरक्षण को एक साथ जोड़कर विकास किया जाएगा

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