Zeenat Aman का छलका दर्द, 70 के दशक की इंडस्ट्री की बताई कड़वी सच्चाई

बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस जीनत अमान समय-समय पर फिल्म इंडस्ट्री के सच को उजागर करती रहती हैं। 70 के दशक में जीनत को एक बोल्ड एक्ट्रेस के तौर पर जाना जाता था, भले ही उन्होंने मूवीज में कई तरह के रोल किए हों लेकिन फिर भी उन्हें ‘सेक्स सिंबल’ माना जाता था।
फिल्मों से अलग थी जीनत की पर्सनैलिटी
एक नए इंटरव्यू में, जीनत अमान (Zeenat Aman) ने अपने नाम से जुड़े इन सभी टैग्स के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि जब लोग असल जिंदगी में उनसे मिलते थे, तो वे यह देखकर हैरान रह जाते थे कि वह अपनी ऑन-स्क्रीन पर्सनैलिटी से कितनी अलग थीं। उन्होंने यह भी बताया कि भले ही वह क्रिएटिव प्रोसेस में योगदान देना चाहती थीं, लेकिन फिल्ममेकर्स को सिर्फ उनके लुक्स में ही दिलचस्पी थी।
सिर्फ मेरे लुक्स पर देते थे ध्यान- जीनत
जीनत ने इस बारे में बात करते हुए कहा, ‘किसी को भी मेरे दिमागी कामों में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उन्हें तो बस गायेगी, नाचेगी, दो डायलॉग बोलेगी, भीगेगी, बारिश में (गाना, नाचना, दो डायलॉग बोलना, बारिश में भीगना) दिलचस्पी थी’। जीनत ने अपने फैशन सेंस के बारे में भी बताया और बताया कि US से इंडिया लौटने के बाद ग्लोबल ट्रेंड्स से उनके जुड़ाव ने उनके स्टाइल पर कैसे असर डाला।
इंडस्ट्री में पुरुषों के पास ज्यादा ताकत
उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो, मुझे लगता है कि पैसे से जुड़ी ताकतें ज्यादातर पुरुषों के पास हैं। पैसे का इंचार्ज पुरुष ही हैं और यह अभी भी बहुत पेट्रियार्कल समाज है और कोई भी कमर्शियल सिनेमा इसी हिसाब से काम करता है’। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि इंडस्ट्री ने पिछले कुछ सालों में कुछ तरक्की की है, लेकिन बदलाव धीरे-धीरे हुआ है।
जीनत अमान (Zeenat Aman) ने 1970 और 1980 के दशक में बॉलीवुड हीरोइन की इमेज को पूरी तरह बदल दिया। मॉडलिंग से आने के बाद, उन्हें ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ (1971) फिल्म से बड़ी पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘यादों की बारात’ (1973), ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ (1978) और ‘डॉन’ (1978) जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया।





