टीवी से लेकर रेडियो तक प्रसारण के लिए एक जैसे नियम का प्रस्ताव

केंद्र सरकार ने टेलीविजन और रेडियो प्रसारण सेवाओं के लिए एक समान नियामक ढांचे का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत ‘राष्ट्रीय महत्व और सामाजिक प्रासंगिकता वाले विषयों’ पर कार्यक्रम प्रसारित करने की जिम्मेदारी को प्राइवेट रेडियो सेवाओं पर भी लागू किया जाएगा।
इस मसौदे पर 27 जुलाई तक सुझाव मांगे गए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को सार्वजनिक किए गए दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो और संबद्ध सेवाएं) नियम, 2026 के मसौदे में कहा गया है कि टीवी चैनल को सुबह छह बजे से रात 11 बजे के बीच प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक इन विषयों से संबंधित कंटेंट प्रसारित करना होगा।
वहीं, रेडियो स्टेशन को इसके लिए हर दिन एक घंटे का समय निर्धारित करना होगा। टीवी चैनल के लिए इस तरह के कंटेंट का प्रसारण चार वर्ष पहले अनिवार्य किया गया था, लेकिन इसके लिए कोई निश्चित समयावधि निर्धारित नहीं की गई थी।
मसौदा नियमों में कहा गया है कि प्रत्येक अधिकृत प्राइवेट रेडियो सेवा को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से राष्ट्रीय महत्व और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों पर आधारित कार्यक्रमों का प्रतिदिन कम से कम एक घंटे तक प्रसारण करना होगा।





