अशोक गहलोत के बयान पर सचिन पायलट का बड़ा जवाब: वैभव जैसा स्नेह मुझे भी है

जयपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर दौसा जिले के भंडाना में आयोजित स्मृति समारोह में कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट अपने दोनों बेटों के साथ स्मारक पर पहुंचे और पुष्प अर्पित कर पिता को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ अपने बहु-चर्चित राजनैतिक संबंधों पर बयान दिया। पायलट ने कहा, मैंने गहलोत जी का वक्तव्य सुना। उनका स्नेह, अपनापन और लगाव वैभव गहलोत के साथ जैसा है, वैसा ही स्नेह और आशीर्वाद मेरे साथ भी बना हुआ है। हम सब कांग्रेस के सच्चे और समर्पित सिपाही हैं।
सचिन पायलट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर बीजेपी के जन-विरोधी शासन का मुकाबला कर रहे हैं। पायलट ने यह भी कहा कि राजस्थान कांग्रेस हमेशा मजबूत रही है और देश के लिए मिसाल है।
पूर्व सीएम गहलोत ने हाल ही में पायलट पर पुराने राजनीतिक विवादों को लेकर तीखा आरोप लगाया था। गहलोत ने कहा कि 2022 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया के दौरान विधायकों ने पायलट को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में UPA सरकार के समय पायलट को मंत्री बनाने में उनकी मदद रही, जिसका पायलट ने कभी आभार नहीं माना।
सचिन पायलट ने राज्य और केंद्र में कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और NEET परीक्षा में कथित धांधलियों को लेकर भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों ने 22 लाख बच्चों का भविष्य अधर में डाल दिया और आम मध्यमवर्गीय परिवारों की स्थिति बिगाड़ दी। पायलट ने विपक्षी गठबंधन के एकजुट होने और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए तैयार रहने का संदेश भी दिया।
भंडाना में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रमुख नेताओं में मुरारीलाल मीणा, भजनलाल जाटव, कुलदीप इंदौरा, मुकेश भाकर, हेमराम चौधरी, प्रताप सिंह खाचरियावास, ममता भूपेश, शकुंतला रावत सहित अन्य उपस्थित रहे।
सचिन पायलट का यह बयान राजस्थान कांग्रेस के भीतर सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जबकि पार्टी के नेतृत्व और भविष्य को लेकर सियासी हलचल जारी है।





