खीर गंगा उफनाई तो फिर आएगी धराली में आपदा

आपदा प्रभावित धराली में खीर गंगा के दोनों ओर एकत्रित मलबे के बड़े-बड़े ढेर एक बार फिर मानसून में बड़ी आपदा का रूप ले सकते हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सिंचाई विभाग को इस मलबे को हटाने के लिए निर्देशित करने की मांग की है। उनका कहना है कि आपदा के बाद कुछ होटल और भवन बच गए थे। इसलिए अगर दोबारा मानसून में खीर गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो यह विशालकाय मलबा बड़ा खतरा बन सकता है।

आपदा प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग की ओर से आपदा के बाद मात्र नदी को चैनलाइज कर उसका मलबा निकालने का कार्य ही किया गया। दस माह बाद भी वहां पर सुरक्षा के कोई कार्य नहीं किए गए। विभाग की मशीनरी ने गंगोत्री हाईवे के ऊपरी क्षेत्र में आवासीय बस्ती की ओर नदी से मलबा हटाकर दोनों किनारों पर विशालकाय ढेर लगा दिए हैं। आगामी मानसून में दोबारा खीर गंगा का जलस्तर बढ़ा तो पूरा मलबा बचे हुए घरों और होटलों को नुकसान पहुंचाएगा।

स्थानीय निवासी मंजुल पंवार का कहना है कि अगर विभाग सुरक्षा के कार्य नहीं कर सकता तो नदी के किनारों से उस मलबे को हटवाया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस समस्या का संज्ञान लेकर इसके समाधान के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित किया जाए। अगर समय रहते यह कार्य नहीं हुआ तो धराली के लोगों को दोबारा आपदा झेलनी पड़ेगी।

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